लैलूंगा में संदिग्ध पैथोलॉजी लैब का मामला उजागर, आरटीआई से सामने आई अनियमितताएं
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता सौरभ साहू
लाइसेंस, दस्तावेज और तकनीकी योग्यता पर उठे सवाल, नागरिकों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में संचालित कुछ पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में कई पैथोलॉजी केंद्रों के लाइसेंस, तकनीकी योग्यता और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियां सामने आने का दावा किया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता और चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा से प्राप्त दस्तावेजों में समीक्षा पैथोलॉजी, बालाजी पैथोलॉजी और ओम पैथोलॉजी सहित कुछ संस्थानों से संबंधित अभिलेखों में कई तरह की विसंगतियां दर्ज होने की बात सामने आई है। दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप लगाया गया है कि कुछ पैथोलॉजी लैब के लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी है या उनके नवीनीकरण को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद ये संस्थान जांच रिपोर्ट जारी कर रहे हैं।
इसके अलावा कुछ लैब टेक्नीशियनों के डिप्लोमा और पंजीयन प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कुछ दस्तावेजों में तकनीकी योग्यता से जुड़े प्रमाणपत्रों की सत्यता पर संदेह व्यक्त किया गया है। साथ ही कुछ संस्थानों के अलग-अलग दस्तावेजों में नाम और पते की जानकारी में भी अंतर पाए जाने का दावा किया गया है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पैथोलॉजी जांच निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं की जाती या तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की कमी होती है तो गलत रिपोर्ट आने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में गलत रिपोर्ट के आधार पर दिया गया इलाज मरीज के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संदिग्ध पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों की जांच के लिए कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्तर पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जानी चाहिए। साथ ही संबंधित संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी होती है, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदीप मिश्रा
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