बिलाईगढ़ नगर पंचायत में सीएमओ पर मनमानी और अनियमितता के आरोप
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सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
परिषद बैठक नहीं होने, राशि निकासी और जनप्रतिनिधियों के दमन के आरोपों से गरमाई सियासत, जांच की मांग तेज
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ नगर पंचायत में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर मनमानी, वित्तीय अनियमितता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा जैसे आरोप लगाए गए हैं, जिससे नगर की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मच गई है।
नगर पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि चुनाव के बाद से अब तक परिषद की नियमित बैठक नहीं बुलाई गई है। उनका कहना है कि परिषद बैठक नहीं होने से निर्वाचित प्रतिनिधियों की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में पारदर्शिता नहीं रह गई है।
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप होली के पहले करीब सोलह लाख रुपये की राशि निकासी को लेकर लगाए गए हैं। आरोप है कि यह राशि बिना अध्यक्ष की अनुमति, बिना परिषद प्रस्ताव और बिना बैठक के निकाल ली गई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस निकासी का स्पष्ट लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाना चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
नगर में अधूरे विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर सड़क निर्माण और अन्य कार्यों के अधूरे रहने तथा निर्माण सामग्री के बिखरे होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। आरोप लगाने वाले जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई विकास कार्यों की प्रगति को लेकर भी पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष और कुछ पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि असहमति जताने वाले जनप्रतिनिधियों को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ संवेदनशील कानूनों का दुरुपयोग कर झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन विभाग सहित संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है और न्यायिक स्तर पर भी याचिका दायर की गई है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित रूप से निकाली गई राशि का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाए, अधूरे विकास कार्यों की समीक्षा की जाए और नगर पंचायत में नियमित परिषद बैठकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग प्रशासनिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रदीप मिश्रा
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