सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रेडा मुहल्ला में गहराया जल संकट, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता विजयानंद शर्मा
भीषण गर्मी में प्यासा रेडा: 12 में से 9 बोरवेल बंद, पानी के लिए हाहाकार, जिम्मेदार अब भी मौन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत रेडा, जो अब जिले का एक बड़ा मुहल्ला बन चुका है, इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऐसे समय में जब पानी की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है, रेडा मुहल्ला के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार मुहल्ले में कुल 12 बोरवेल थे, लेकिन वर्तमान में 9 बोरवेल पूरी तरह खराब पड़े हैं। गर्मी की शुरुआत होते ही स्थिति भयावह हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों में इतनी गंभीर जल समस्या कभी नहीं देखी गई। बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन खराब पड़े बोरवेलों के कारण लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि हाथ से चलने वाला बोरिंग भी पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा हुआ है। पाइप फूटने की बात कहकर उसे खोलकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं की गई। इससे पूरे मुहल्ले के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

मुहल्ले के कई स्थानों पर लगे बोरवेल बंद पड़े हैं, जिनमें प्रमुख रूप से • रक्षाडबरी का बोर • दारा यादव के घर के पास का बोर• महादेवा पार का बोर• डोंगिया रास्ता का बोर• दुर्गापारा का बोर• सिदार पारा के पास का बोर शामिल हैं।

स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि कई जगह बोरवेल के पाइप गायब हैं, तो कहीं बिजली के तार निकाल लिए गए हैं। कई स्थानों पर बिजली के तार खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। गर्मी के इस मौसम में जब पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझ में आती है, तब इस प्रकार की लापरवाही लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम के मुखिया, पंच, सरपंच और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।

भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कई परिवारों को सुबह-शाम दूर के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही खराब पड़े बोरवेलों की मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना या जनआक्रोश का इंतजार कर रहे हैं?
रेडा मुहल्ला आज प्रशासन से पूछ रहा है भीषण गर्मी में पानी की समस्या कब दूर होगी? और आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?
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