79 हजार से अधिक श्रमिकों को 27 करोड़ से अधिक की सीधी सहायता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अंतरण
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जशपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 79 हजार से अधिक निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंची सहायता राशि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79 हजार 340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27 करोड़ 15 लाख रुपए की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रमिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सामाजिक माध्यमों पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीजल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में ईंधन की उपलब्धता पहले की तरह सुचारु रूप से बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके साथ ही मकान निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई रिक्शा खरीदने पर सहायता राशि पहले एक लाख रुपए थी जिसे बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा दसवीं या बारहवीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष दस में स्थान प्राप्त करता है तो उसे दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए निजी विद्यालयों में पढ़ाई की सुविधा भी बढ़ाई गई है, जिसमें पहले सौ सीटें थीं जिन्हें अब बढ़ाकर दो सौ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को प्रतिवर्ष दस हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग चार सौ पचानवे करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। पहले योजनाओं की राशि बीच में ही खत्म हो जाती थी, लेकिन अब पूरी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भविष्य निधि प्रणाली को सार्वभौमिक बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपने भविष्य निधि लाभ को जारी रख सकते हैं। इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर एक हजार रुपए किया गया है और कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रसूति सहायता, मकान निर्माण सहायता, छात्रवृत्ति सहित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और पिछले सवा दो वर्षों में आठ सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में सीधे अंतरित की गई है।
उन्होंने बताया कि अटल शिक्षा योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ाई की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सके।
इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु और अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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