चार दशकों बाद सहपाठियों का भावुक पुनर्मिलन – नया रायपुर में 1984 बैच के साथियों ने ताजा कीं पुरानी यादें
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर। शासकीय तकनीकी विद्यालय रायगढ़ के वर्ष 1984 बैच के सहपाठियों का 42 वर्षों बाद दो दिवसीय भव्य पुनर्मिलन समारोह नया रायपुर स्थित मेफेयर गोल्फ रिसॉर्ट में अत्यंत आत्मीय, ऐतिहासिक और अविस्मरणीय माहौल में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल औपचारिक मिलन नहीं, बल्कि चार दशक पुरानी दोस्ती, अपनत्व और भाईचारे के पुनर्जागरण का भावपूर्ण उत्सव बन गया।
रिसॉर्ट के मनोरम वातावरण में सहपाठियों ने पुराने दिनों को फिर से जीया। नीले स्विमिंग पूल के किनारे गूंजती हंसी, झील में शांत बोटिंग, क्रिकेट मैदान में पुरानी फुर्ती और कैमरे में कैद होती मुस्कुराहटों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। रात के समय दूधिया रोशनी में नहाया नया विधानसभा भवन भी आकर्षण का केंद्र रहा।
चार दशक बाद जब सहपाठी एक-दूसरे से मिले तो ऐसा लगा मानो समय पीछे लौट आया हो। चेहरों पर उम्र की रेखाएं जरूर थीं, लेकिन दिलों में वही बचपन, वही शरारत और वही स्नेह आज भी जीवंत दिखाई दिया। किसी ने गले लगाकर पुराने किस्से ताजा किए, तो किसी ने ठहाकों के साथ स्कूल जीवन की यादें साझा कीं।
समारोह के दौरान स्वादिष्ट भोजन के साथ शिक्षकों की यादें और स्कूल जीवन के रोचक प्रसंगों ने माहौल को और अधिक आत्मीय बना दिया। सभी साथियों ने एक स्वर में कहा कि 42 वर्षों का अंतराल एक पल में सिमट गया और ऐसा लगा मानो वे आज भी अपने स्कूल के दिनों में ही लौट आए हों।

रायपुर के आठ मेजबानों की भूमिका सराहनीय
इस भव्य पुनर्मिलन को सफल बनाने में रायपुर के आठ मेजबान मित्रों की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। इनमें वरिष्ठ आईएएस एवं मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेंद्र भाई, डॉ. अश्वनी भाई, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सतर्कता) नलिन भाई, आर्किटेक्ट इंजीनियर विनोद भाई, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी मोहन भाई, राष्ट्रपति सम्मानित भू-वैज्ञानिक एवं जीएसआई नागपुर के उप महानिदेशक दिनेश भाई, नरेंद्र भाई (सीएसएम रेलवे रायपुर) तथा अरुण भाई (रेलवे) का योगदान उल्लेखनीय रहा।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सहपाठी
इस पुनर्मिलन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सहपाठियों ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उपस्थित प्रमुख साथियों में अमिताभ (प्रोफेसर), डॉ. रमेश मिश्रा (प्रोफेसर), संजय अग्रवाल (एसडीओ), अशोक (प्रधानाध्यापक), संजय तिवारी (रेलवे बिलासपुर), सुनील अग्रवाल, सतीश पांडेय (प्राचार्य), यज्ञेश (एसईसीएल कोरबा), प्रताप (व्याख्याता), श्रीकांत (मूवी डायरेक्टर), मदन राजवाड़े (केमिस्ट), राजीव (व्याख्याता), छोटेलाल चंद्रा (फॉरेस्टर), आशुतोष चंद्रा, रविंद्र शुक्ला और सपन गोयल सहित अनेक साथियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रेमशंकर पटेल की गरिमामयी उपस्थिति ने भी आयोजन को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम की जानकारी खगेश्वर प्रसाद चौबे ने दी। इस दौरान नवागंतुक भूपेंद्र पटेल और वाचस्पति गुप्ता भी विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
सिर्फ रियूनियन नहीं, दिलों का पुनर्मिलन
उपस्थित साथियों ने कहा कि यह केवल एक रियूनियन नहीं था, बल्कि दिलों का पुनर्मिलन और समय को मात देती दोस्ती का उत्सव था। सहपाठी संजय अग्रवाल ने कहा,
“वक्त बदलता है, लेकिन यारियां हमेशा जवान रहती हैं।”
समारोह के अंत में सभी साथियों ने रायपुर के मेजबान मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भावुक होते हुए सहपाठी खगेश्वर प्रसाद चौबे ने कहा
“लोग कहते हैं जमीन पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
शायद उन्हें दोस्त कोई तुम सा नहीं मिलता।”
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






