जनजातीय खेल प्रतिभाओं का महाकुंभ: देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026’ का रायपुर में भव्य शुभारंभ
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में दिखाएंगे प्रतिभा, रायपुर, बस्तर और सरगुजा बने राष्ट्रीय खेल संगम
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब साइंस कॉलेज मैदान में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आयोजन की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
यह राष्ट्रीय खेल आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में भारतीय हॉकी संघ के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल की धरती पर देश के प्रथम जनजातीय खेलों का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में लगभग चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना के विकास और प्रतिभाओं के चयन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में आवासीय खेल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में आधुनिक खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट मैदान का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल ही नहीं, बल्कि जनजातीय शौर्य, संस्कृति और बलिदान की पावन भूमि भी है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि जनजातीय खेलों की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में यह आयोजन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है और अब खेल प्रतिभाएं गांवों तथा जनजातीय क्षेत्रों से भी तेजी से उभर रही हैं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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