कोरबा में तीन चरणों में चलेगा राजस्व पखवाड़ा, कलेक्टर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सभी राजस्व प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निपटारे पर जोर, गांव-गांव में लगेंगे शिविर
कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुसार राजस्व पखवाड़ा दो हजार छब्बीस का व्यापक और सुनियोजित आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व से जुड़े सभी प्रकार के प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शिविर आधारित कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता को त्वरित राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करें।
राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। पहला चरण एक अप्रैल से पंद्रह अप्रैल तक, दूसरा चरण चार मई से अठारह मई तक तथा तीसरा चरण एक जून से पंद्रह जून तक जिले के सभी ग्रामों में आयोजित होगा। इस दौरान विभिन्न शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई अनुमति, भूमि परिवर्तन, त्रुटि सुधार तथा अन्य लंबित प्रकरणों का निराकरण किसी भी स्थिति में लंबित न रखा जाए। शिविरों में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों की मौके पर ही जांच, पंजीयन और आवश्यक कार्यवाही कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भू-स्वामियों के खातों में आधार संख्या, मोबाइल नंबर, किसान किताब और लिंग संबंधी आवश्यक प्रविष्टियों को भी पूर्ण कराया जाए, ताकि भूमि अभिलेख अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए जा सकें। इसके साथ ही जनहानि, फसल क्षति और पशुहानि से जुड़े राहत प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। भू-अर्जन से संबंधित मामलों की समय-सीमा में कार्यवाही तथा शुल्क की पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
अभिलेख शुद्धता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर बल देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिया कि त्रुटिपूर्ण, संदेहास्पद, शून्य रकबा या अपूर्ण प्रविष्टियों वाले सभी भूमि अभिलेखों का सुधार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदनों की जांच और प्रविष्टि शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से की जाए, ताकि नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों में शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कोटवारों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों से संबंधित प्रतिदिन की जानकारी निर्धारित प्रारूप में जिला कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि कोरबा जिला प्रशासन जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राजस्व पखवाड़ा इसी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक हितग्राही को बिना विलंब शासन की योजनाओं और अधिकारों का लाभ मिल सके।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






