इंसाफ की चौखट पर जुल्म का आरोप कोरबा कोतवाली में युवक की पिटाई से टूटी जांघ
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
न्याय मांगने गया युवक अस्पताल पहुंचा – पुलिस पर बर्बरता के गंभीर आरोप, जांच की मांग
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से पुलिसिया बर्बरता की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कोरबा शहर के धनुवारपारा (रानी रोड) निवासी राजेश मतवानी अपने पिता की वर्ष 2022 में हुई सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले की जांच और कार्रवाई की जानकारी लेने कोतवाली थाना पहुंचा था। लेकिन उसे क्या मालूम था कि न्याय की उम्मीद लेकर जिस थाने में वह गया है, वहीं उसके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार होगा।

जब न्याय का मंदिर कहे जाने वाले थाने में जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी आखिर न्याय की उम्मीद किससे करे?

बता दें पीड़ित के चाचा श्रीचंद मतवानी द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोतवाली थाना परिसर में मौजूद 4-5 पुलिसकर्मियों ने राजेश को घेरकर पहले गाली-गलौज की और फिर लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि पिटाई इतनी गंभीर थी कि राजेश के बाएं पैर की जांघ के पास की फीमर हड्डी टूट गई।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला चिकित्सालय कोरबा में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकीय स्थिति को लेकर परिवार गहरी चिंता में है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और लंबे समय से पुलिस से अपने मामले की जानकारी मांग रहे थे। परिवार का आरोप है कि जब राजेश ने दुर्घटना मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच और कार्रवाई की मांग की, तो पुलिसकर्मियों ने नाराज होकर उस पर अपना गुस्सा उतार दिया।
आवेदक श्रीचंद मतवानी का कहना है कि बिना किसी कारण उनके भतीजे के साथ इस तरह की मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी जिंदगी पर संकट आ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने इस घटना की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज और पुलिस अधीक्षक कोरबा को भेजते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच के लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी, जो सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
घटना के सामने आने के बाद अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या खाकी वर्दी की आड़ में हुई इस कथित बर्बरता पर निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर मामला फाइलों और जांच की परतों में दबकर रह जाएगा।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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