एक साल में विकास की रफ्तार, कोरबा को मिली नई पहचान
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जिला – कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ तालमेल में महापौर संजूदेवी राजपूत का प्रभावी नेतृत्व, स्वच्छता से लेकर सीवरेज और पेयजल तक बड़े फैसलों ने बदली शहर की तस्वीर
कोरबा ACGN:- ऊर्जानगरी कोरबा में पिछले एक वर्ष के भीतर विकास की जो रफ्तार देखने को मिली है, उसने शहर को नई पहचान दिलाई है। महापौर संजूदेवी राजपूत ने प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हुए शहर के विकास को नई दिशा और नई ऊर्जा दी है। सड़क, पानी, बिजली, साफ-सफाई, उद्यानिकी, पर्यावरण संरक्षण और शहर सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत मुद्दों पर विशेष फोकस किया गया, वहीं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में भी सक्रिय पहल की गई।
महापौर के एक वर्ष के कार्यकाल में नगर पालिक निगम कोरबा के सभी 67 वार्डों में 573 नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ये कार्य सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं से जुड़े हैं। लगभग 100 करोड़ रुपये के इन कार्यों में कई कार्य पूर्णता की ओर हैं, कई प्रगति पर हैं और कुछ प्रक्रियाधीन हैं। इसके साथ ही लगभग 800 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है, जिनकी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
स्वच्छता के क्षेत्र में कोरबा ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में कोरबा देश के टॉप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ और राष्ट्रीय स्तर पर 8वां स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया। शहर के कचरा डंपिंग प्वाइंट समाप्त कर उनकी जगह छोटे-छोटे गार्डन विकसित किए गए हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत किया गया है और कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है। संसाधनों को अपडेट करते हुए 80 इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा और 2 अत्याधुनिक मोबाइल टॉयलेट भी शामिल किए गए हैं।
स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित स्वच्छता शपथ हस्ताक्षर अभियान ने भी इतिहास रचा। 280 मीटर लंबे बैनर पर मात्र 20 मिनट में 15 हजार 500 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर विश्व रिकॉर्ड बनाया और कोरबा का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। कोरबा की जीवनदायिनी हसदेव नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए 33 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। शहर के 11 बड़े नालों का प्रदूषित जल इस प्लांट में उपचारित किया जाएगा और शुद्ध जल का उपयोग एनटीपीसी अपने संयंत्र संचालन में करेगा। प्लांट शुरू होने के बाद हसदेव नदी में गंदा पानी मिलना बंद हो जाएगा, जिससे नदी को स्थायी रूप से राहत मिलेगी।
पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। 20 एमएलडी क्षमता के नए जल उपचार संयंत्र की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके माध्यम से मोतीसागरपारा, इमलीडुग्गू, भिलाईखुर्द, दादरखुर्द, मानिकपुर, खरमोरा, पीएम आवास दादर, बेलगिरी बस्ती, रूमगरा, कोहड़िया और प्रगतिनगर सहित लगभग 58 हजार लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। दूरस्थ बस्तियों तक पानी पहुंचाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत भी निगम ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 3000 आवासों के डीपीआर लक्ष्य के विरुद्ध 4000 से अधिक आवासों का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इससे जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान का सपना पूरा होने की उम्मीद जगी है।
कुल मिलाकर महापौर संजूदेवी राजपूत का पहला वर्ष कोरबा के लिए विकास, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित के ठोस निर्णयों का वर्ष रहा है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के सहयोग से शहर को नई रफ्तार मिली है और आने वाले समय में और बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदीप मिश्रा
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