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मां से बिछड़कर खेत में पहुंचा चार माह का तेंदुए का शावक

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धमतरी छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

ग्रामीणों की सूझबूझ और वन विभाग की तत्परता से सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल सफारी भेजा गया

धमतरी | ACGN:- श्रृंगी ऋषि पहाड़ी की तराई में स्थित खेतों में उस समय हलचल मच गई जब ग्रामीणों ने लगभग चार माह के तेंदुए के एक शावक को भटकते हुए देखा। आशंका जताई जा रही है कि शावक अपनी मां से बिछड़कर रिहायशी क्षेत्र की ओर आ गया था। ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।


वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशों में धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र अंतर्गत बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के ग्राम छिपली पारा में यह कार्रवाई की गई। वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक शावक को अपने संरक्षण में लिया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
रेस्क्यू के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत शावक को नगरी स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में शावक पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। रेंज अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार शावक को आगे की सुरक्षित देखभाल और प्राकृतिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए नया रायपुर स्थित जंगल सफारी भेज दिया गया है, जहां उसकी निगरानी विशेषज्ञों की देखरेख में की जाएगी।


नगरी-सिहावा क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ी भू-भाग के कारण तेंदुए सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में कभी-कभी वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों की ओर आ जाना असामान्य नहीं है। हालांकि इस घटना में ग्रामीणों की जागरूकता और संयम ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने न तो शावक को नुकसान पहुंचाया और न ही अफरा-तफरी मचने दी, बल्कि जिम्मेदारी दिखाते हुए तुरंत विभाग को सूचना दी।
वन विभाग का कहना है कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से न केवल वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब प्रशासन और आमजन मिलकर काम करें तो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।

प्रदीप मिश्रा
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