आवारा कुत्तों की नसबंदी से शहरवासियों को राहत
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गंजाम, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
बरहमपुर में शुरू हुए ABC प्रोग्राम से आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण की पहल, 16 दिनों में 267 कुत्तों की नसबंदी
गंजाम ACGN :- बरहमपुर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर लंबे समय से बनी चिंता और नाराजगी के बीच बरहमपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा स्ट्रे डॉग ब्रीड कंट्रोल प्रोग्राम (ABC प्रोग्राम) शुरू किया गया है, जिससे शहर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह अभियान 16 जनवरी को मेयर संघमित्रा दलाई और बरहमपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर एवं भारतीय सिविल सेवा अधिकारी प्रतमेश अरविंद राजेशिरके की देखरेख में शुरू किया गया।

अभियान के तहत पिछले 16 दिनों में कुल 284 आवारा कुत्तों को पकड़ा गया, जिनमें 111 मादा और 156 नर कुत्ते शामिल हैं। इनमें से 267 कुत्तों की सफलतापूर्वक नसबंदी की जा चुकी है। नगर निगम द्वारा की जा रही इस कार्रवाई से शहरवासियों में संतोष और भरोसा देखने को मिल रहा है। नसबंदी के बाद निकाले गए प्रजनन अंगों के सुरक्षित निपटान के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. अंजन दास कर रहे हैं। समिति में उप मंडलीय पशुपालन अधिकारी डॉ. अरविंद बेहरा और राज्य पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि ललातेंदु चौधरी को सदस्य बनाया गया है। समिति की मौजूदगी में निरीक्षण और प्रक्रिया का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है।

नगर निगम के अनुसार प्रतिदिन 20 से 25 आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है और साथ ही रेबीज सहित अन्य बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया जा रहा है। पहले चरण में यह अभियान शहर के 42 वार्डों में से 15 वार्डों में चलाया जा रहा है, जिसमें अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता दी गई है।
बरहमपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शहर में मौजूद लगभग 11 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए बेंगलुरु की एनिमल वेलफेयर संस्था ‘आशरा’ के साथ समझौता किया है। लक्ष्य के तहत हर महीने लगभग 500 से 600 कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन किया जाएगा। सर्जरी के बाद कुत्तों के कानों में विशेष टैग लगाए जाते हैं और तीन दिन के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़ा जाता है। यदि यह अभियान अगले दो वर्षों तक लगातार चलता रहा तो शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण और रेबीज जैसी बीमारियों के खतरे में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आवारा कुत्तों की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान को लेकर भी नगर निगम की यह पहल अहम मानी जा रही है। शहरवासियों ने अभियान के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए नगर निगम द्वारा उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।
प्रदीप मिश्रा
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