बालको क्षेत्र में G-9 इमारत निर्माण के लिए प्रस्तावित पेड़ कटाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
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कोरबा (छत्तीसगढ़)
By ACGN 7647981711, 9303948009
172 नहीं, 440 पेड़ों की मौजूदगी का दावा, पर्यावरण और आस्था से जुड़ा मामला पहुंचा शीर्ष अदालत तक
कोरबा ACGN :- देश की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड द्वारा बालको क्षेत्र में 9 मंजिला G-9 इमारत के निर्माण की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। इस कटाई के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक पक्ष को सुनने के बाद फरवरी में होने वाली अगली सुनवाई तक पेड़ों की कटाई पर अंतरिम रोक लगाने का स्पष्ट आदेश दिया है। अधिवक्ता का कहना है कि परियोजना के दस्तावेजों में जहां 172 पेड़ों की कटाई का उल्लेख किया गया है, वहीं वास्तविकता में उस स्थान पर लगभग 440 पेड़ मौजूद हैं, जिनमें कई दशकों पुराने और धार्मिक आस्था से जुड़े पेड़ भी शामिल हैं।
अब्दुल नफीस खान ने बताया कि बालको नगर में इंदिरा मार्केट के समीप प्रस्तावित G-9 आवासीय परियोजना के नाम पर हो रही पेड़ कटाई और कथित अवैध निर्माण के खिलाफ उन्होंने सबसे पहले कोरबा कलेक्टर से शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसडीएम द्वारा 172 पेड़ों के शिफ्टिंग का आदेश दिया गया, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया, इसके बावजूद पेड़ों की कटाई पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की, जो खारिज हो गई। अंततः सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने अगले आदेश तक पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया।
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की जानकारी उन्होंने कोरबा कलेक्टर को दे दी है, बावजूद इसके मौके पर कार्य जारी रहने की बात सामने आ रही है। मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 16 फरवरी को निर्धारित है। इस प्रकरण में कलेक्टर कोरबा, छत्तीसगढ़ शासन और बालको को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता का कहना है कि यह आदेश न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बल्कि उन नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो मानते हैं कि विकास के नाम पर प्रकृति की बलि नहीं दी जानी चाहिए।
बालको का यह G-9 प्रोजेक्ट शुरुआत से ही विवादों में रहा है। स्थल चयन, पेड़ों की कटाई और पर्यावरणीय नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर लगातार शिकायतें होती रही हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भी इस परियोजना की शिकायत केंद्र सरकार से की थी, जिसके बाद वन विभाग द्वारा जांच टीम का गठन किया गया था। विभिन्न स्तरों पर उठे इस मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट तक का सफर तय कर लिया है।
प्रदीप मिश्रा
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