नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस का उपवास, डॉ चरण दास महंत का केंद्र पर तीखा हमला, शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस का उपवास, डॉ चरण दास महंत का केंद्र पर तीखा हमला, शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

जिला – कोरबा | छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

रोजगार के अधिकार पर खतरे के खिलाफ गांधी चौक में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, मनरेगा और गांधीवादी मूल्यों की रक्षा का संकल्प

कोरबा ACGN :- केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा सुधार के नाम पर लोकसभा में पारित किए गए नए बिल को लेकर कांग्रेस ने कोरबा में जोरदार विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा कि यह बिल दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में एक सोची-समझी साजिश है। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर की गई कोशिश है। डॉ महंत रविवार को गांधी चौक कोरबा में आयोजित सामूहिक उपवास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
डॉ चरण दास महंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अब तक संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकारों पर आधारित गारंटी थी, जिसके तहत मजदूरों को काम पाने का वैधानिक अधिकार प्राप्त था। लेकिन नए फ्रेमवर्क के माध्यम से इसे शर्तों से जुड़ी और पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित योजना में बदल दिया गया है, जिससे ग्रामीण मजदूरों का रोजगार अधिकार समाप्त होने की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और इसी कारण 10 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि मजदूरों के लिए अधिकार आधारित कानून था। इसके तहत श्रमिक को काम मांगने का कानूनी अधिकार था और सरकार मनमाने ढंग से काम नहीं रोक सकती थी। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से यह योजना 12 करोड़ से अधिक मजदूरों के लिए जीवनरेखा बनी हुई है और कोविड महामारी के कठिन समय में भी इसने गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा रही है। यदि योजना में कोई कमी थी तो उसे बेहतर किया जा सकता था, लेकिन नाम बदलकर और नियमों में बदलाव कर रोजगार के अधिकार को समाप्त करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि अब यह योजना केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर हो जाएगी, जिससे गरीबों का भरोसा टूटेगा।
पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर भी जनता को भ्रमित कर रही है। विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण में भगवान राम से कोई संबंध नहीं है।

पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि मनरेगा अधिनियम वर्ष 2005 में लागू हुआ था और यह एक अधिकार आधारित कानून था, जिसने हर ग्रामीण को मजदूरी का वैधानिक अधिकार दिया था, जिसे अब खत्म किया जा रहा है।
जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि हरीश परसाई ने कहा कि मनरेगा कानून के तहत 15 दिनों के भीतर रोजगार देना या बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य था, जो इसकी मूल आत्मा थी।

पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम सुंदर सोनी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका की रीढ़ रही है, जिसने पलायन रोका और मजदूरी बढ़ाई।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि ग्रामीण आजीविकाओं पर इस हमले को देखते हुए कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है।

ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि नया अधिनियम ग्राम सभाओं और पंचायतों को कमजोर करेगा और मजदूरों की सुरक्षा खत्म करेगा।

इसी अवसर पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि भी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने कहा कि शास्त्री जी सच्चे गांधीवादी थे, जिन्होंने सादगी, ईमानदारी और गरीबों की सेवा को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार जेल जाना स्वीकार किया और प्रधानमंत्री रहते हुए भी सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
सांसद ज्योत्सना महंत ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में शास्त्री जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गांधी जी के आह्वान को जनआंदोलन में बदल दिया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जय जवान जय किसान का नारा देकर शास्त्री जी ने देश के किसानों और जवानों का मनोबल बढ़ाया और पूरे राष्ट्र को एकजुट किया। पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, मोहित केरकेट्टा सहित अन्य वक्ताओं ने शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन, देशभक्ति और ईमानदारी को आज की राजनीति के लिए प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज चौहान ने किया और आभार प्रदर्शन मुकेश राठौर द्वारा किया गया।

प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते है निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरे
समाचार क्रमांक : 17/26

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now