अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी शहरों की तस्वीर! कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने क्षेत्रीय कार्यशाला में की सहभागिता
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया UCF और UiWIN की प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ, नगरीय विकास के लिए दो एमओयू; वित्तीय संसाधन, तकनीकी विशेषज्ञता और क्षमता विकास में निकायों को मिलेगा सहयोग
कोरबा ACGN:- छत्तीसगढ़ के शहरों को सुनियोजित, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) विषय पर प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों के महापौर, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करना, वित्तीय संसाधनों के नए विकल्प तलाशना और नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव तथा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने शहरों के सुनियोजित विकास और आधुनिक नगरीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।

दो महत्वपूर्ण एमओयू, नगरीय निकायों को मिलेगा सहयोग
कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला एमओयू आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ।

इन समझौतों के माध्यम से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकसित करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है। इससे शहरों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं तैयार करने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा मिल सकता है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाएं योजनाएं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं। इसलिए शहरी विकास वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहकर आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड नगरीय निकायों के लिए एक बड़ा अवसर है। निकायों को ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करनी चाहिए, जो नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें। परियोजनाएं तकनीकी रूप से सक्षम, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और लंबे समय तक उपयोगी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और गति मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को लेकर मिशन मोड में काम कर रही है। शहरों में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

जलभराव, अव्यवस्थित तार और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों से कहा कि विकास योजनाएं केवल तत्कालीन समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी, स्वच्छता और परिवहन जैसी सुविधाओं का समन्वित विकास जरूरी है।
उन्होंने बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया। साथ ही शहरों में बिजली और अन्य सेवाओं के अव्यवस्थित तारों से उत्पन्न परेशानियों का उल्लेख करते हुए जहां संभव हो, भूमिगत केबल व्यवस्था विकसित करने की दिशा में योजनाएं बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के बिना आधुनिक शहरों का निर्माण संभव नहीं है। पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को अलग-अलग देखने के बजाय समग्र शहरी नियोजन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

एक लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड शहरों के लिए बड़ा अवसर: अरुण साव
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास के लिए बड़ा अवसर है। अब नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे गुणवत्तापूर्ण और व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार कर इस फंड का अधिकतम लाभ उठाने की दिशा में काम करें।
उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप नगरीय विकास की कार्यशैली में भी बदलाव जरूरी है। केवल परियोजनाओं का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संचालन, रखरखाव और वित्तीय व्यवहार्यता की योजना भी शुरुआत से स्पष्ट होनी चाहिए।
अरुण साव ने जनप्रतिनिधियों से अपने शहरों की वास्तविक समस्याओं को समझकर स्थायी समाधान तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार करना सभी की जिम्मेदारी है।

नगरीय निकायों को मिलेगा विकास का नया आधार: तोखन साहू
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से शहरी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। अर्बन चैलेंज फंड इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है। परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए बैंक वित्तपोषण, बाजार आधारित संसाधनों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने देश के विभिन्न शहरों में अपनाए गए नवाचारों का उल्लेख करते हुए नगरीय निकायों को सफल मॉडलों का अध्ययन कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयोग करने की सलाह दी।

कोरबा के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर
कार्यशाला में कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत की सहभागिता शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कोरबा जैसे औद्योगिक शहर में सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक एवं सुव्यवस्थित योजनाओं की आवश्यकता है।
अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो से जुड़ी पहल के माध्यम से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं के निर्माण और वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्पों की जानकारी मिल सकती है। हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक लाभ परियोजनाओं की गुणवत्ता, उनकी पात्रता और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
कार्यशाला में प्रदेश के 14 नगर निगमों के महापौरों, नगर पालिकाओं के अध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान शहरी नियोजन, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी सहयोग और संस्थागत क्षमता विकास जैसे विषयों पर चर्चा की गई। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए विकसित शहरों की जरूरत
शहरों का विकास केवल सड़कों और भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, स्वच्छ वातावरण, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों के सामने विकास के नए अवसर खुल सकते हैं।
अब इन पहलों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नगरीय निकाय अपने शहरों की जरूरतों के अनुरूप कितनी प्रभावी परियोजनाएं तैयार करते हैं और उपलब्ध वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग का उपयोग किस तरह करते हैं। कोरबा सहित प्रदेश के सभी शहरों के लिए यह भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है।
प्रदीप मिश्रा
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