अब पुलिसिंग में AI की एंट्री! दुर्ग पुलिस के रीडर्स सीखेंगे तकनीक से काम आसान करने के तरीके
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
दुर्ग, छत्तीसगढ़।
पुलिस कंट्रोल रूम में दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण, सरकारी दस्तावेजों से लेकर प्रेस विज्ञप्ति तक तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई; गोपनीयता और तथ्यों की जांच पर विशेष जोर।
संवाददाता :- भिलाई
दुर्ग ACGN:- आधुनिक तकनीक के दौर में अब पुलिस के कार्यालयीन कामकाज को भी अधिक सरल, तेज और व्यवस्थित बनाने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में दुर्ग पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर जिले के विभिन्न थानों और पुलिस कार्यालयों में पदस्थ रीडर्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसका उद्देश्य तकनीक की मदद से रोजमर्रा के कामों को बेहतर बनाना और समय की बचत करना है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06, भिलाई में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक ने AI के उपयोग और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
सरकारी पत्र से प्रेस विज्ञप्ति तक, AI के इस्तेमाल की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि स्पष्ट और सटीक निर्देश देकर AI आधारित उपकरणों की सहायता से शासकीय पत्र, प्रेस विज्ञप्ति, प्रतिवेदन और बैठकों की कार्यवाही के प्रारूप तैयार किए जा सकते हैं। लंबे आदेशों और दस्तावेजों का सारांश बनाने में भी यह तकनीक सहायक हो सकती है।
इसके साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया के लिए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, वीडियो बाइट रिकॉर्ड करने तथा सामग्री प्रकाशित करने से पहले तथ्यों, कैप्शन और विवरण की जांच करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि AI से बेहतर परिणाम पाने के लिए निर्देश स्पष्ट होने चाहिए और तैयार सामग्री की जांच करना भी जरूरी है।
गोपनीय जानकारी साझा करने में सावधानी जरूरी
प्रशिक्षण में तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को समझाया गया कि केस डायरी, विवेचना से जुड़े गोपनीय विवरण, पीड़ितों और मुखबिरों की पहचान सहित संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक AI टूल पर साझा नहीं करनी चाहिए।
AI से तैयार दस्तावेजों को सीधे अंतिम रूप देने के बजाय तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और संबंधित विवरणों का सत्यापन करना जरूरी है। विभागीय नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही ऐसी तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए।
तकनीक मददगार, अंतिम जिम्मेदारी अधिकारी की
दुर्ग पुलिस का कहना है कि AI आधारित तकनीकों का उद्देश्य कार्यालयीन कामकाज को सरल, सुव्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है। हालांकि, किसी भी शासकीय दस्तावेज की तथ्यात्मक शुद्धता, गोपनीयता और अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की ही रहेगी।
दुर्ग पुलिस की यह पहल पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और बेहतर पुलिसिंग की दिशा में एक कदम है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
हमारे द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले, तहसील और ब्लॉक में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा
















































