नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , साइबर ठगी का पैसा खपाने में 14 खाते जांच के घेरे में! – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

साइबर ठगी का पैसा खपाने में 14 खाते जांच के घेरे में!

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

दुर्ग, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

कमीशन के लालच में बैंक खाते, एटीएम, पासबुक और सिम देने का मामला; नेवई में 11 और छावनी में 3 खाताधारकों पर वैधानिक कार्रवाई

संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
दुर्ग ACGN:- साइबर ठगी के मामलों में ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल पर दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते और बैंकिंग से जुड़े साधन उपलब्ध कराने वाले 14 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। इनमें थाना नेवई क्षेत्र के 11 और थाना छावनी क्षेत्र के 3 खाताधारक शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी, थाना नेवई और एसीसीयू की टीम ने बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण के बाद की। जांच में संबंधित खातों से साइबर ठगी की रकम के करोड़ों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन सामने आने की बात पुलिस ने कही है।
       कमीशन के बदले खाते उपलब्ध कराने का आरोप
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों की विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि कुछ खाताधारकों ने कमीशन या प्रतिफल के लालच में अपने बैंक खाते अथवा पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे।
जांच में कुछ खातों को करीब 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन या प्रतिफल के बदले उपलब्ध कराने की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने और उसके लेन-देन के लिए किया गया।
                 ऐसे होता था खातों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा अपने अथवा अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड एजेंट या अन्य व्यक्तियों के माध्यम से साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
बैंक खातों की जांच, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 29 सितंबर 2026 को थाना नेवई में 11 तथा थाना छावनी में 3 लोगों के विरुद्ध संबंधित प्रकरणों में वैधानिक कार्रवाई की गई।
                     इन मामलों में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार थाना छावनी में अपराध क्रमांक 626/2026 में धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस तथा थाना नेवई में अपराध क्रमांक 306/2026 में इन्हीं धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
थाना नेवई में कार्रवाई किए गए लोगों में कार्तिक बाग (27), बबलू शाह (26), बलवंत सिंह (22), समीर साहनी (19), चन्द्रप्रकाश पाठक (28), यतेन्द्र धनकर (37), गुरजीत सिंह रंधावा (22), राकेश सेन (34), राकेश देवांगन (44), फैजल खान (19) और रीता कुमारी शामिल हैं।
वहीं थाना छावनी में कार्रवाई किए गए लोगों में रवि भारती (29), रविन्द्र साहू (66) और सुजीत सिंह (39) शामिल हैं। पुलिस ने सभी के निवास स्थानों का भी उल्लेख अपनी प्रेस विज्ञप्ति में किया है।
      पासबुक, एटीएम और सिम समेत सामग्री जब्त
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। बैंक खातों में हुए लेन-देन की तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की गई।
इस कार्रवाई में थाना छावनी, थाना नेवई और एसीसीयू में पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण, संदिग्ध लेन-देन की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।
                  दुर्ग पुलिस की लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस का कहना है कि इनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जा सकता है और ऐसी स्थिति में खाताधारक भी कानूनी जांच और कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को संदेह हो कि उसके बैंक खाते या बैंकिंग साधनों का कोई अन्य व्यक्ति दुरुपयोग कर रहा है, तो वह तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना या साइबर अपराध के आधिकारिक माध्यम पर शिकायत दर्ज कराए और शिकायत की प्राप्ति सुरक्षित रखे।
मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित प्रकरणों के अनुसार जारी रहेगी।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now