आमंत्रण मिला सम्मान का, लेकिन बैठने तक की जगह नहीं! चक्रधर समारोह में भोजपुरी समाज की नाराजगी, कलेक्टर को ज्ञापन
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रायगढ़ छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनीता गर्ग
भोजपुरी समाज अध्यक्ष पिंटू सिंह ने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को सौंपा ज्ञापन, व्यवस्था प्रभारी से 7 दिन में स्पष्टीकरण की मांग
रायगढ़ ACGN:- कला, संस्कृति और गौरव का प्रतीक माने जाने वाले रायगढ़ के 41वें चक्रधर समारोह-2026 में अब आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला प्रशासन द्वारा विधिवत आमंत्रित भोजपुरी समाज रायगढ़ के प्रतिनिधियों को समारोह स्थल पर समुचित एवं सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था नहीं मिलने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर भोजपुरी समाज के अध्यक्ष पिंटू सिंह ने 25 सितंबर 2026 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार व्यवस्था प्रभारी से स्पष्टीकरण की मांग की है।

बताया गया है कि कलेक्टर कार्यालय द्वारा 12 सितंबर 2026 को भोजपुरी समाज रायगढ़ के अध्यक्ष पिंटू सिंह सहित समाज के सदस्यों को चक्रधर समारोह में शामिल होने के लिए विधिवत आमंत्रण पत्र जारी किया गया था। आमंत्रण में चक्रधर समारोह को रायगढ़ की कला, संस्कृति और गौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया गया था। इसी आमंत्रण के आधार पर समाज के प्रतिनिधि समारोह स्थल पहुंचे, लेकिन वहां उनके लिए बैठने की समुचित एवं सम्मानजनक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब सोशल मीडिया पर इस संबंध में एक कथित टिप्पणी सामने आने का उल्लेख भोजपुरी समाज द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में किया गया। आवेदन में पिंटू सिंह ने लिखा है कि सोशल मीडिया पर यह बात लिखी गई कि भोजपुरी समाज के पिंटू सिंह को कलेक्टर महोदय एवं एसडीएम साहब द्वारा कार्यक्रम स्थल से बाहर किया गया। समाज अध्यक्ष के अनुसार, इस प्रकार की बात सामने आने से समाज के सम्मान और प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
भोजपुरी समाज ने अपने आवेदन में मामले का संज्ञान लेकर समारोह स्थल की व्यवस्था से संबंधित आवश्यक जांच एवं जानकारी प्राप्त करने की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि आमंत्रित अतिथियों के लिए बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस अधिकारी अथवा व्यवस्था प्रभारी की थी और इस संबंध में संबंधित जिम्मेदार से स्पष्टीकरण लिया जाए।

समाज ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि आमंत्रित समाज के प्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचने की स्थिति पर संबंधित व्यवस्था प्रभारी से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण लिया जाए। इसके अलावा भविष्य में इस तरह के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजनों में आमंत्रित अतिथियों के लिए पहले से निर्धारित और सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है।
भोजपुरी समाज अध्यक्ष पिंटू सिंह ने आवेदन में यह स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी अथवा जिला प्रशासन का अपमान करना नहीं है। उनका कहना है कि जब किसी समाज या संस्था के प्रतिनिधियों को किसी प्रतिष्ठित आयोजन में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, तो उनके सम्मान और गरिमा का भी उसी अनुरूप ध्यान रखा जाना चाहिए।
अब देखने वाली बात यह है कि कलेक्टर कार्यालय की ओर से इस शिकायत पर क्या जांच कराई जाती है और समारोह की व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारी अथवा व्यवस्था प्रभारी की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है। मामला केवल बैठने की व्यवस्था तक सीमित है या समारोह में आमंत्रित अतिथियों के सम्मान से जुड़े व्यापक प्रबंधन का सवाल है, इसका जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रदीप मिश्रा
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