एक साल से मजदूरी का इंतजार! ठेकेदार पर भुगतान रोकने और धमकी के आरोप, वन विभाग के काम भी घेरे में
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
मजदूरों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, करीब 30 हजार रुपए बकाया होने का दावा; जेसीबी का भाड़ा नहीं देने की शिकायत, सीएएमपीए कार्यों की जांच की मांग
धरमजयगढ़ ACGN:- वन विभाग के ठेकेदारी कार्यों में मजदूरी भुगतान को लेकर ठेकेदार उदय प्रसाद गुप्ता के खिलाफ शिकायत सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। धरमजयगढ़ क्षेत्र के मजदूरों ने 24 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, धरमजयगढ़ को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में वन विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों में मजदूरी करने के बावजूद करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं मिला है।
मजदूरों के अनुसार उन्होंने कुरकिबोरा स्टॉप डेम, आमापाली स्टॉप डेम तथा गोड़सा और सुमरूर में तालाब निर्माण सहित अन्य कार्यों में मजदूरी की थी। शिकायत में मजदूरों की कुल बकाया राशि करीब 30 हजार रुपए बताई गई है। मजदूरों का कहना है कि जब वे अपनी मेहनत की कमाई मांगने ठेकेदार से संपर्क करते हैं तो कथित तौर पर उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ता है और फोन करने पर फोन भी नहीं उठाया जाता।
जेसीबी का भाड़ा भी बकाया होने का आरोप
मामले में एक ग्रामीण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ठेकेदार उदय गुप्ता द्वारा उसकी जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य कराया गया था। ग्रामीण का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद जेसीबी का पूरा भाड़ा नहीं दिया गया। बकाया राशि मांगने पर कथित रूप से मारपीट की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इस कथित धमकी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सीएएमपीए के काम भी सवालों के घेरे में
मजदूरी भुगतान की शिकायत के साथ ही वन मंडल धरमजयगढ़ में सीएएमपीए मद से कराए गए स्टॉप डेम और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित ठेकेदार द्वारा कराए गए कुछ कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की अभी किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका, कार्यादेश, भुगतान विवरण, इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता और मौके पर हुए वास्तविक निर्माण की जांच कराई जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उनका कहना है कि दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान होने पर ही यह सामने आएगा कि स्वीकृत कार्य के अनुसार वास्तव में कितना काम हुआ और उसका भुगतान किस आधार पर किया गया।
बमजदूरों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ज्ञापन सौंपने वाले मजदूरों ने अपनी आर्थिक परेशानियों का हवाला देते हुए प्रशासन से बकाया मजदूरी दिलाने और शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि एक साल तक मेहनत की कमाई नहीं मिलना उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है।
अब पूरे मामले में निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। सवाल यह भी है कि क्या वन विभाग के संबंधित कार्यों के दस्तावेजों और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? क्या मजदूरों और जेसीबी मालिक के कथित बकाये का भुगतान कराया जाएगा? और यदि अनियमितताओं के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?
मामले में ठेकेदार उदय प्रसाद गुप्ता का पक्ष सामने आने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा।
प्रदीप मिश्रा
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