“मोबाइल गायब होते रहे, पुलिस चुपचाप जोड़ती रही कड़ियां – जब राज खुला तो 1250 फोन बरामद!” बिलासपुर पुलिस ने लौटाए 30 लाख के 202 मोबाइल
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
“आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास” 30 लाख के मोबाइल लौटाकर पुलिस ने चेहरों पर बिखेरी मुस्कान गुम मोबाइल की तलाश में बिलासपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 202 लोगों को लौटाई उनकी अमानत
बिलासपुर ACGN:- गुम या चोरी हो चुके मोबाइल फोन को वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए बिलासपुर पुलिस ने बड़ी राहत की खबर दी है। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों, साइबर जांच और लगातार पतासाजी के माध्यम से बड़ी संख्या में गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2026 में अब तक 1250 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार गुम मोबाइल फोन की बरामदगी और उन्हें वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर है।

इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस उत्सव के अवसर पर “चेतना अभियान” के अंतर्गत बिलासपुर में विशेष “अर्पण” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बरामद किए गए 202 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है, उनके वास्तविक स्वामियों को वापस किए गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। कई लोगों के लिए मोबाइल केवल एक महंगा उपकरण नहीं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी, जरूरी दस्तावेजों, संपर्कों और रोजमर्रा के काम से जुड़ा महत्वपूर्ण साधन था।
निर्देश के बाद पुलिस ने शुरू की लगातार तलाश
बिलासपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम होने की शिकायतों को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर गुम मोबाइल की तलाश और बरामदगी के लिए विशेष प्रयास शुरू किए। इसके बाद एसीसीयू (साइबर सेल) बिलासपुर की टीम ने तकनीकी संसाधनों और लगातार प्रयासों के माध्यम से मोबाइल फोन की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान केवल बिलासपुर जिले तक ही सीमित न रहते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ सीमावर्ती राज्यों में भी गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी और तकनीकी संकेतों के आधार पर तलाश की गई। लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए गए।
तकनीकी जांच ने दिलाई सफलता

मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसकी बरामदगी आसान नहीं होती। अलग-अलग स्थानों पर पहुंच चुके मोबाइल फोन की पहचान करने और उन्हें वास्तविक मालिक तक पहुंचाने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बिलासपुर पुलिस की साइबर टीम ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए गुम मोबाइल फोन की तलाश की और उन्हें बरामद करने में सफलता हासिल की।
इसी कार्रवाई के तहत 202 मोबाइल फोन बरामद कर 9 अगस्त 2026 को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस किए गए। बरामद मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।
मोबाइल हाथ में आते ही खिले उठे चेहरे

“अर्पण” कार्यक्रम में जब लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल फोन वापस किए गए तो माहौल भावुक नजर आया। जिन लोगों ने अपना मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, उन्हें जब पुलिस ने उनका मोबाइल सौंपा तो उनके चेहरे पर खुशी और संतोष देखने को मिला।

लोगों ने बिलासपुर पुलिस के इस प्रयास को केवल पुलिस कार्रवाई नहीं बल्कि एक मानवीय और जनहितकारी पहल बताया। मोबाइल वापस पाने वाले नागरिकों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस के लगातार प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण वस्तु उन्हें दोबारा मिल सकी।
वर्ष 2026 में अब तक 1250 मोबाइल बरामद

बिलासपुर पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक कुल 1250 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि गुम मोबाइल फोन की बरामदगी और उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है।
यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि मोबाइल गुम होने की शिकायतों को लेकर पुलिस द्वारा तकनीकी जांच और साइबर संसाधनों का लगातार उपयोग किया जा रहा है। पुलिस की इस पहल से आम नागरिकों में भी यह विश्वास मजबूत हुआ है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने और उचित जानकारी उपलब्ध कराने से उसकी बरामदगी की संभावना बनी रहती है।
साइबर ठगी से बचाव की भी दी गई जानकारी

“अर्पण” कार्यक्रम केवल मोबाइल वितरण तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध और ठगी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया।
साइबर सेल बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी एवं उनकी टीम ने लोगों को साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे अलग-अलग तरीकों के बारे में जानकारी दी। नागरिकों को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति के फोन, संदेश, लिंक या किसी संदिग्ध आवेदन पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए। अपनी बैंकिंग जानकारी, गोपनीय अंक, पासवर्ड अथवा अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
“संचार साथी” के उपयोग की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए बहुउपयोगी मोबाइल अनुप्रयोग “संचार साथी” के संबंध में भी नागरिकों को जानकारी दी गई। साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के साथ इसके उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक किया गया, ताकि मोबाइल और दूरसंचार से जुड़े मामलों में नागरिक अधिक सतर्क रह सकें।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करें और घटना की जानकारी पुलिस को दें।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

गुम मोबाइल की बरामदगी और उन्हें वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने की इस पूरी कार्रवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन के साथ-साथ एसीसीयू साइबर सेल और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के पुलिस कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एसीसीयू श्रीमती मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री परमेश्वर तिलवार तथा नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा श्री तिलेश्वर प्रसाद यादव सहित अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
एसीसीयू साइबर सेल बिलासपुर की टीम तथा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने तकनीकी जांच, पतासाजी और मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस की पहल से बढ़ा भरोसा

गुम मोबाइल फोन की बरामदगी कर उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। “अर्पण” कार्यक्रम के माध्यम से बिलासपुर पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के माध्यम से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव के अवसर पर आयोजित “चेतना अभियान” के अंतर्गत हुए इस कार्यक्रम में 202 लोगों को उनकी अमानत वापस मिली, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 1250 मोबाइल बरामद किए जाने की उपलब्धि बिलासपुर पुलिस की साइबर जांच क्षमता और लगातार किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
बिलासपुर पुलिस का संदेश स्पष्ट है
“आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास।”

प्रदीप मिश्रा
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


