कोपरा जलाशय बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल, छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल घोषित
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बिलासपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
जैव विविधता, जल संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संगम, प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रय बना कोपरा जलाशय
बिलासपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ का कोपरा जलाशय आज पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक और आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है यह प्रदेश का पहला रामसर स्थल घोषित होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है और “जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2026” की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य वैश्विक प्रभाव” को वास्तविक रूप से साकार कर रहा है
सुबह के शांत और प्राकृतिक वातावरण में जब प्रवासी पक्षियों की मधुर आवाजें जलाशय के चारों ओर गूंजती हैं तो यह दृश्य प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाता है इस जलाशय के आसपास रहने वाले ग्रामीण आजीविका के विभिन्न साधनों से जुड़े हुए हैं जिनमें मत्स्य पालन कृषि और जल संसाधनों पर आधारित गतिविधियां प्रमुख हैं कोपरा जलाशय वर्षों से इस क्षेत्र के लोगों के लिए जल जीवन और आजीविका का मजबूत आधार बना हुआ है

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं जल स्रोतों के संरक्षण वृक्षारोपण वन्यजीव सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े अनेक अभियान प्रदेश भर में संचालित हो रहे हैं जिनका सकारात्मक प्रभाव कोपरा जलाशय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय यह संदेश देता है कि जब शासन और समाज मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हैं तो पर्यावरण सुरक्षा के साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है
कोपरा जलाशय हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बन चुका है हर वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से आने वाले पक्षी यहां भोजन और विश्राम प्राप्त करते हैं इसके साथ ही यह जलाशय जलीय जीवों मछलियों वनस्पतियों और सूक्ष्म जीवों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है इसी कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है

स्थानीय स्तर पर ग्रामीण महिला स्व सहायता समूह युवा वर्ग और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से यहां स्वच्छता अभियान वृक्षारोपण पक्षी संरक्षण और बायो फेंसिंग जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं इन प्रयासों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती दी है बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की है
विशेषज्ञों के अनुसार आर्द्रभूमियां प्राकृतिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती हैं जो बाढ़ नियंत्रण भूजल पुनर्भरण जल शुद्धिकरण और कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं इस दृष्टि से कोपरा जलाशय का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में अत्यंत उपयोगी और प्रभावी साबित हो रहा है
कोपरा जलाशय आज यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे छोटे प्रयास ही वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव की नींव रखते हैं और यही कारण है कि यह जलाशय सतत विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय को रामसर स्थल की अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है सरकार जैव विविधता संरक्षण आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है उन्होंने यह भी कहा कि जब शासन की नीतियां और समाज का संकल्प एक साथ मिलते हैं तो स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़े परिवर्तन ला सकते हैं और हमारी समृद्ध प्रकृति ही आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य है
प्रदीप मिश्रा
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