पूर्वांचल कृषि सम्मिलन में किसानों की समृद्धि और प्राकृतिक खेती पर मंथन
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- ओड़िशा ब्यूरो – स्वामी बिजया नंद जी महाराज
पांच राज्यों के कृषि विकास और मिट्टी संरक्षण के लिए तैयार हुआ व्यापक रोडमैप
भुवनेश्वर ACGN:- पूर्वी भारत में कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को भुवनेश्वर में “पूर्वांचल क्षेत्रीय कृषि सम्मिलन – 2026” का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ओड़िशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के कृषि विकास को नई दिशा देने और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बचाने और किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चारण मांझी एवं कनक वर्धन सिंह देव सहित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओड़िशा के किसानों और कृषि क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और यदि धरती पर कोई दूसरा भगवान है तो वह खेती करने वाला किसान ही है।
उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत की उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और अनुकूल जलवायु आने वाले समय में कृषि समृद्धि का सबसे बड़ा आधार बन सकती है। केंद्रीय मंत्री ने किसानों से अपनी कम से कम 20 प्रतिशत भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह खेती आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और लाभकारी साबित होगी। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है ताकि मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहे और किसानों की लागत भी कम हो सके।

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने नकली खाद और कीटनाशकों के कारोबार पर भी सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार जल्द नया “पेस्टीसाइड एक्ट” लागू करेगी। इसके तहत नकली खाद और कीटनाशकों का कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सम्मेलन में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री राम विचार नेताम, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी, पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री अशोक कीर्तनिया, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्र तथा भारतीय कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मांगीलाल जाट समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय और साझा रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदीप मिश्रा
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