घंटाघर की सीढ़ी पर चाय दुकान,मुख्य मार्ग पर रखे दुकानों के सामान,मार्ग हो रहे जाम – निगम प्रशासन देख रहा या सहारा दे रहा? नियम क्यों नहीं लागू?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
निगम कॉम्प्लेक्स की सीढ़ियों पर कब्जा, घंटाघर में रास्ता बंद, कौन बचा रहा अतिक्रमण?
क्या आम नागरिक की सुविधा प्रशासन के लिए किसी मायने नहीं रखती?
कोरबा: कोरबा नगर निगम क्षेत्र का व्यस्ततम घंटाघर इलाका अब अवैध कब्जों का गढ़ बनता जा रहा है। बिलासा ब्लड बैंक के पास निगम कॉम्प्लेक्स की सार्वजनिक सीढ़ियों पर एक दुकान संचालित हो रही है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो चुका है।

स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि यह कब्जा किसी बाहरी का नहीं, बल्कि बगल की चाय बार संचालक का है। धीरे-धीरे सीढ़ियों पर कब्जा कर इसे दुकान में बदल दिया गया। नगर निगम प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या इसे संरक्षण मिला हुआ है?

केवल यही नहीं, बुधवारी बाजार से लेकर सड़कों के किनारे लगी दुकानों, सड़कों से सटाकर लगाई गई दुकानों और उनके बाहर रखे सामान की वजह से ग्राहक वाहन सड़क पर खड़ा कर देते हैं। इसका सीधा असर आम आवागमन पर पड़ता है।

विशेष रूप से देखें तो घंटाघर से लेकर निर्मला स्कूल, आईटीआई चौक तक यही स्थिति बनी हुई है। घंटाघर के आसपास यह समस्या चरम सीमा पर है। जबकि पूर्व में आयुक्त द्वारा सुभाष चौक निहारिका से घंटाघर तक के मुख्य मार्ग को माडल स्वरूप देने की बात कही गई थी, पर क्या प्रशासन कभी ध्यान देगा, या हादसों का इंतजार करेगा? कई बार छोटे-मोटे दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई न के बराबर।

इस पूरे मामले में सवाल उठते हैं क्या जनता की सुविधा, सुरक्षा और सार्वजनिक मार्गों का महत्व केवल कागजों तक सीमित है? क्या भ्रष्ट अतिक्रमण को संरक्षण मिल रहा है?
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






