जन आक्रोश रैली में उमड़ा जनसैलाब, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
नई दिल्ली,
By ACGN 7647981711, 9303948009
संजय पराते की रिपोर्ट
रामलीला मैदान में हजारों किसानों, मजदूरों और खेत मजदूरों की भागीदारी, महंगाई-बेरोजगारी और श्रम कानूनों को लेकर सरकार पर तीखा हमला
देश की राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा आयोजित जन आक्रोश रैली में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर हिंदी भाषी राज्यों से आए हजारों किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नए श्रम कानूनों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस रैली में छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी निभाई।

रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के महासचिव एम. ए. बेबी ने कहा कि रामलीला मैदान में उमड़ा यह विशाल जनसैलाब मेहनतकश जनता के बढ़ते असंतोष का प्रतीक है। उन्होंने रैली की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और अधिक व्यापक और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाल झंडा जनता के संघर्षों का प्रतीक है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। जहां भी जनता अपने अधिकारों के लिए खड़ी होगी, वहां लाल झंडा बुलंद होगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी का काम केवल भाषण देना नहीं है, बल्कि मजदूरों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, छात्रों, महिलाओं, युवाओं, दलितों और पिछड़े समुदायों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके संघर्षों में साथ खड़ा रहना है।
रैली में अन्य वक्ताओं ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, कमरतोड़ महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुक रही है, जिससे देश के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। इस अवसर पर अमेरिका और इजरायल की नीतियों के विरुद्ध तथा ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
रैली को पार्टी के वरिष्ठ नेता तपन सेन, विजू कृष्णन, अमरा राम, अशोक धवले और मरियम धवले सहित केंद्रीय समिति के कई नेताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

यह रैली देशभर में चलाए गए व्यापक जनसंपर्क अभियान के समापन का भी अवसर बनी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में निकाले गए 33 जन आक्रोश जत्थों के समापन के अवसर पर यह विशाल रैली आयोजित की गई।
रैली में चार श्रम संहिताओं से जुड़ी अधिसूचनाओं को वापस लेने, बिजली अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन को रोकने और बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण का विरोध किया गया। साथ ही बीज विधेयक में संशोधन और ग्रामीण रोजगार से जुड़े प्रावधानों को रद्द करने की मांग भी उठाई गई।
रैली की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता और समर्थक दो दिन पहले से ही दिल्ली पहुंचने लगे थे और मंगलवार सुबह तक पूरा रामलीला मैदान लाल झंडों और सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह रैली केवल एक पड़ाव है और मजदूरों-किसानों की यह एकजुटता भविष्य में और बड़े आंदोलनों का रूप लेगी।
रिपोर्टर छत्तीसगढ़ माकपा के राज्य सचिवमंडल के सदस्य हैं। संपर्क : 094242-31650
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






