कांग्रेस में बड़ा बगावत कांड: भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट देने वाले तीन विधायक निलंबित
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ओडिशा, भुवनेश्वर
By ACGN 7647981711, 9303948009
ओड़िशा ब्यूरो स्वामी विजयानंद जी महाराज
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से मचा राजनीतिक भूचाल, विधानसभा से अयोग्य ठहराने की तैयारी
भुवनेश्वर:- ओडिशा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने वाले अपने तीन विधायकों को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में विश्वासघात और क्रॉस वोटिंग को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

कांग्रेस की ओर से जारी बयान के अनुसार सानखेमुंडी के विधायक रमेश चंद्र जेना, मोहना के विधायक दाशरथी गमांग और बारबटी–कटक की विधायक सोफिया फिरदौस को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित किया गया है। इन तीनों विधायकों पर आरोप है कि इन्होंने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरविंद दास ने कहा कि विधायकों के कृत्यों की सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद यह कठोर निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कदम पार्टी हितों की रक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस के साथ विश्वासघात करार देते हुए कहा कि इन विधायकों से इस तरह की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत इन तीनों विधायकों को विधानसभा से अयोग्य घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी इस फैसले की पूरी जानकारी दे दी गई है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार केवल कांग्रेस के तीन विधायक ही नहीं बल्कि बीजू जनता दल (बीजेडी) के आठ विधायकों ने भी दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया, जिसके कारण विपक्ष के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने रणनीतिक समझ के तहत बीजेडी उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता का समर्थन किया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग ने पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया।
मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने कहा कि दाशरथी गमांग दो बार गजपति जिले के कांग्रेस जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। वहीं रमेश चंद्र जेना को पार्टी का कद्दावर नेता माना जाता था, लेकिन उनके इस कदम ने उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोफिया फिरदौस को भी पार्टी का उभरता हुआ चेहरा माना जाता था, लेकिन इस घटना के बाद कटक क्षेत्र में उनकी राजनीतिक संभावनाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने आठ विधायकों को प्रलोभनों से बचाने के लिए कर्नाटक भेज दिया था, ताकि मतदान के दौरान कोई क्रॉस वोटिंग न हो सके। इसके बावजूद तीन विधायकों के रुख ने पार्टी नेतृत्व को चौंका दिया।
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से दो सीट भाजपा ने जीती, एक सीट बीजू जनता दल के खाते में गई और एक सीट भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने जीत ली। इस नतीजे के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मामला और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और बेबाक,सच के साथ जनहित के लिए प्रतिबद्ध, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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