एस.ई.सी.एल. की वादाखिलाफी ने भू-विस्थापितों को फिर किया आंदोलन के लिए मजबूर
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कोरबा छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
कोरबा – गेवरा क्षेत्र के ग्राम नरईबोध और आसपास के प्रभावित गांवों के भू-विस्थापित ग्रामीणों ने एस.ई.सी.एल. प्रबंधन के खिलाफ एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है पिछले भरोसे और टूटे वादों ने ग्रामीणों की सहनशक्ति की आखिरी सीमा पार कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने बसाहट मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार देने के वादे किए थे लेकिन इन वादों पर कोई अमल नहीं हुआ 8 मार्च को प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया कि तीन लोगों को तुरंत वैकल्पिक रोजगार मिलेगा और बाकी के बी-फॉर्म की प्रक्रिया उसी दिन शुरू होगी ग्रामीणों ने भरोसा कर आंदोलन स्थगित किया था लेकिन प्रबंधन ने फिर से झूठ बोला और लगातार टालमटोल किया
अब प्रभावित सभी भू-विस्थापित परिवारों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन अडिग रहेगा वे चाहते हैं कि सभी पात्रों को तत्काल स्थायी रोजगार मिले उचित बसाहट और मुआवजा वितरण तुरंत हो और रुकी हुई वैकल्पिक रोजगार प्रक्रिया तुरंत बहाल की जाए यदि 17 मार्च तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो 18 मार्च से नरईबोध और प्रभावित क्षेत्र के लोग गेवरा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अडिग हैं
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि धरने के दौरान किसी भी प्रकार की हानि या अशांति की जिम्मेदारी पूरी तरह से एस.ई.सी.एल. प्रबंधन की होगी प्रशासन को भी मामले में पहले ही सूचित किया गया है भू-विस्थापितों की नाराज़गी और आंदोलन की तैयारी यह साफ संकेत देती है कि प्रबंधन की वादाखिलाफी स्थानीय समुदाय के लिए अब और बर्दाश्त के बाहर है
प्रदीप मिश्रा
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