विधानसभा में 62 हजार करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
कृषि, जनजातीय विकास, वित्त, आवास और पर्यावरण क्षेत्रों में बड़े प्रावधान, बस्तर विकास और आर्थिक मजबूती पर सरकार का जोर
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि, जनजातीय विकास, वित्त, आवास, पर्यावरण तथा वाणिज्यिक कर विभागों की कुल 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रुपये तथा वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के विभागों के लिए 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान मांगें शामिल हैं।
सदन में चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा खेती-किसानी में बसती है और राज्य की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है तथा अन्य फसल लेने वाले किसानों को हर वर्ष 10 हजार रुपये की आदान सहायता दी जा रही है, जिससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया गया है तथा अन्य जिलों में भी इस दिशा में काम जारी है। मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज उत्पादन में देश में छठे स्थान से बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
मंत्री नेताम ने कहा कि नक्सलवाद कमजोर पड़ने के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। जनजातीय समाज के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और वनांचल क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावास भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बीजापुर में 500 सीटों वाला आवासीय प्रयास विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का अध्ययन करने देश-विदेश से विशेषज्ञ पहुंच रहे हैं।
वहीं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आवास और पर्यावरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई आवासीय परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनके अंतर्गत 16,782 संपत्तियों का निर्माण किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों की रियल टाइम निगरानी के लिए “CG निगरानी” पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से 124 उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।
मंत्री चौधरी ने बताया कि व्यापार और आम नागरिकों को राहत देने के लिए जीएसटी 2.0 के तहत कई कर सुधार किए गए हैं। खाने-पीने की वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है, कपड़ों पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और सीमेंट पर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे मकान निर्माण और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आईआईएम रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर और एचएनएलयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी और एनएमआईएमएस जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी यहां स्थापित किए जा रहे हैं।
मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, आर्थिक मजबूती और समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है और छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
प्रदीप मिश्रा
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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