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विधानसभा में तीन बड़े विभागों का बजट पारित: पर्यटन, पंचायत-गृह और खाद्य विभाग के लिए हजारों करोड़ की मंजूरी

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

पर्यटन विकास, ग्रामीण अधोसंरचना, पुलिस सुदृढ़ीकरण और खाद्य सुरक्षा योजनाओं को मिलेगा बड़ा वित्तीय बल

रायपुर, 10 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विभिन्न विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण अनुदान मांगों को पारित किया गया। सदन में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के विभागों के बजट को मंजूरी दी गई। इन बजट प्रावधानों के माध्यम से पर्यटन विकास, ग्रामीण अधोसंरचना, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और गरीबों की खाद्य सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं।
पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रुपये, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रुपये तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये, शक्तिपीठ भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये तथा छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत आईआरसीटीसी के माध्यम से नागरिकों को पर्यटन स्थलों के भ्रमण में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रुपये और शक्तिपीठ परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सिरपुर को बौद्ध थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य में मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार और भारत भवन के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
वहीं उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभागों के बजट को भी सदन में पारित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया गया है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2237.97 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7721 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें साइबर अपराध से निपटने के लिए नए साइबर थानों की स्थापना, पुलिस बल में हजारों नए पदों की स्वीकृति और आधुनिक तकनीक आधारित आईटी सेंटर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। जेलों के उन्नयन, प्रिजन कॉलिंग सिस्टम और बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान, एस्ट्रो साइंस सेंटर की स्थापना और विभिन्न जिलों में साइंस पार्क विकसित करने की योजनाएं भी शामिल की गई हैं।
इसके साथ ही खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए 6216 करोड़ 73 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें भी सदन में पारित की गईं। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि सरकार किसानों और गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख टन से अधिक धान की खरीदी की गई, जिसकी कीमत लगभग 33 हजार करोड़ रुपये रही। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान किया गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 73 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही चना, गुड़ और आयोडीन युक्त नमक वितरण जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने, नई उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और उपभोक्ता शिकायतों के लिए ई-दाखिल पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।
विधानसभा में इन विभागों की अनुदान मांगों के पारित होने के साथ ही राज्य में पर्यटन विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण और खाद्य सुरक्षा योजनाओं को आगामी वित्तीय वर्ष में नई गति मिलने की उम्मीद है।

प्रदीप मिश्रा
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