समोदा में 10 एकड़ में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, भाजपा नेता विनायक ताम्रकार पर आरोप, राजनीतिक संरक्षण के दावों से मचा हड़कंप
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दुर्ग, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
ग्रामीणों का आरोप– बड़े नेताओं से नजदीकी दिखाकर बनाया जाता था दबाव, निष्पक्ष जांच की मांग

दुर्ग ACGN:- दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में लगभग 10 एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार इस मामले में भाजपा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार और उनके कुछ साथियों का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि खेतों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी, जिसकी जानकारी सामने आते ही प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।



ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से उक्त खेतों में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा चल रही थी। गांव के लोगों का कहना है कि विनायक ताम्रकार अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस जमीन पर अफीम की खेती कर रहे थे। अफीम की खेती भारत में बिना वैधानिक अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में इस तरह की खेती का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चिंता और नाराजगी दोनों दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आरोपी नेता की कई बड़े और दिग्गज राजनीतिक नेताओं से नजदीकी बताई जाती थी। अक्सर वे विभिन्न कार्यक्रमों और सार्वजनिक मंचों पर बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर अपनी राजनीतिक पहुंच का प्रदर्शन करते थे। गांव के लोगों का आरोप है कि इसी राजनीतिक पहचान और नजदीकी का हवाला देकर क्षेत्र में प्रभाव और दबाव बनाने की कोशिश भी की जाती थी, जिससे लोग खुलकर विरोध करने से बचते थे।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में बड़े-बड़े फ्लेक्स और बैनर लगाकर नेताओं के साथ फोटो प्रदर्शित किए जाते थे, जिससे आम लोगों में यह संदेश जाता था कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। कई बार ऐसे लोग प्रदेश के मंत्रियों और बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर या फ्लेक्स में लगाकर अपने प्रभाव का प्रदर्शन करते हैं और उसी के आधार पर प्रशासनिक हलकों में दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।

मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Bhupesh Baghel भी समोदा गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े स्तर पर अफीम की खेती की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
फ्लेक्स और फोटो खिंचवाकर बनाया जा रहा प्रशासनिक हलकों में दबाव — नेताओं के लिए भी यह एक सबक
छत्तीसगढ़ प्रदेश में यह प्रवृत्ति तेजी से देखने को मिल रही है कि कुछ लोग बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाकर या बड़े-बड़े फ्लेक्स लगाकर खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश करते हैं। कई बार इसी छवि के सहारे प्रशासनिक हलकों में दबाव बनाने और अवैध गतिविधियों को संरक्षण मिलने जैसा माहौल तैयार करने का प्रयास भी किया जाता है।


ऐसे मामलों ने राजनीतिक दलों, विशेषकर सत्तारूढ़ दल के लिए भी एक बड़ा सबक खड़ा किया है कि संगठन से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखना जरूरी है। नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने या मंच साझा करने भर से किसी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण का संदेश नहीं जाना चाहिए। शासन, प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व को भी इस प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति नेताओं की छवि का उपयोग कर अवैध कारोबार या गलत गतिविधियों के लिए दबाव बनाने का प्रयास न कर सके।
प्रदीप मिश्रा
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