होली पर नशेड़ियों का आतंक, चाकू और सर्जिकल ब्लेड से हमला, चार लोग घायल
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सीतामढ़ी-इमलीडुग्गू इलाके में वारदात, बस्तीवासियों ने कोतवाली पहुंचकर की कड़ी कार्रवाई की मांग
कोरबा शहर में होली के उल्लास के बीच सिटी कोतवाली क्षेत्र के सीतामढ़ी इमलीडुग्गू इलाके में नशेड़ियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए चाकू और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल ब्लेड से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में बस्तीवासी सिटी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे।
मिली जानकारी के अनुसार हमले में परवीन कुमार बरेठ और मुकेश कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं धन सिंह और मोहन ठाकुर को भी चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने वाले युवक मोती सागरपारा निवासी लक्की श्रीवास, नानू सागर, लव शुक्ला, गिरिराज शर्मा और राकेश हैं, जिन्हें मोहल्लेवासी आदतन अपराधी और नशेड़ी प्रवृत्ति का बताते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीतामढ़ी क्षेत्र में लंबे समय से नशे का अवैध कारोबार और असामाजिक गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिसके कारण इलाके में आए दिन मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। होली जैसे पर्व के दिन भी इस तरह की घटना होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में बस्तीवासी सिटी कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। नागरिकों का कहना है कि शहर के कई चौक-चौराहों और सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में चकना दुकानों का संचालन हो रहा है, जहां शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
लोगों का कहना है कि इन चकना दुकानों में केवल खाने-पीने का सामान ही नहीं बल्कि कई बार इनके आसपास अवैध नशे और संदिग्ध गतिविधियों की भी आशंका रहती है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार इन दुकानों के आसपास देर रात तक नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की भीड़ लगी रहती है, जिससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और परिवारों को आने-जाने में असुरक्षा महसूस होती है। कई जगहों पर चकना दुकानों की आड़ में अवैध गतिविधियों और नशे के सेवन की भी आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए सड़कों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए। जहां केवल चकना दुकानों के नाम पर भीड़ और अव्यवस्था फैल रही है, ऐसी दुकानों को हटाया जाना चाहिए। नागरिकों का सुझाव है कि चकना दुकानें केवल अधिकृत शराब दुकानों के पास ही सीमित रूप से संचालित हों, ताकि सड़कों पर अनावश्यक भीड़ न लगे, यातायात सुचारु बना रहे और शहर में कानून व्यवस्था तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नागरिकों का मानना है कि यदि सड़कों के किनारे संचालित ऐसी दुकानों और अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए तो असामाजिक तत्वों का जमावड़ा कम होगा और शहर में कानून व्यवस्था बेहतर बनेगी।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और बेबाक… अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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