छत्तीसगढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा में नई पहल, ऊर्जा सचिव ने रखी रूपरेखा
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सीबीडीए के सेमिनार में औद्योगिक डिकार्बोनाइजेशन, किसानों की आय और स्वच्छ ऊर्जा पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर ACGN:- 25 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर के Courtyard by Marriott Raipur में अर्धदिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और ग्लोबल क्लीन एनर्जी के विस्तार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक परिवेश में पारंपरिक ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ विकल्प अपनाने का समय आ गया है और ग्रीन हाइड्रोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उपलब्ध कृषि अवशेष, डेयरी अपशिष्ट, फल-सब्जी मंडियों के जैविक कचरे और गोबर के माध्यम से बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। इससे एक ओर औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ ईंधन मिलेगा तो दूसरी ओर किसानों की आय में वृद्धि और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। रायपुर, उरला, सिलतरा, भिलाई और रायगढ़ सहित औद्योगिक क्षेत्रों में स्टील और स्पंज आयरन उद्योग के लिए ग्रीन हाइड्रोजन उपयोगी साबित हो सकता है, जिससे औद्योगिक डिकार्बोनाइजेशन को गति मिलेगी और राष्ट्रीय पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद होगी।
ऊर्जा विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना, संभावित बाधाओं की पहचान करना और भविष्य की रणनीति तय करना है। “Hydrogen Economy: Innovation-Led Growth in Industrial Clusters in Chhattisgarh” विषय पर Bhabha Atomic Research Centre के वरिष्ठ वैज्ञानिक सयाजी मैहत्रे ने प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं “Accelerating Green Hydrogen Adoption in Chhattisgarh” विषय पर Ministry of New and Renewable Energy के विशेषज्ञ धर्मेन्द्र कुमार पंचार्या सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिनिधियों ने विचार साझा किए।
सेमिनार में State Bank of India और National Bank for Agriculture and Rural Development के प्रतिनिधियों के साथ IIT Bhilai, सीएसएमसीआरआई भावनगर तथा अन्य वैज्ञानिक संस्थानों और निजी उद्योगों के विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, अपशिष्ट से आय सृजन संभव होगा और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य बन सकता है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






