राज्य स्थापना की रजत जयंती, समावेशी विकास, सुरक्षा, औद्योगिक निवेश और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का व्यापक खाका प्रस्तुत
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रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा संबोधन में समावेशी विकास, नक्सल उन्मूलन, कृषि सशक्तिकरण और निवेश विस्तार को बताया विकसित राज्य की ओर निर्णायक कदम
रायपुर — रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित करते हुए राज्य की विकास यात्रा का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का स्पष्ट रोडमैप रखा। यह सत्र राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष में आयोजित हुआ, जिसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए उन्होंने लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण और जनभागीदारी को विकास की मूल शक्ति बताया।
राज्यपाल ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण राज्य के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को सामूहिक संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि 2047 तक यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।
उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उनके संकल्प से बने इस राज्य में विकास की असीम संभावनाएं हैं और सरकार अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: राज्य में 25 लाख 24 हजार किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 33,431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत होली से पूर्व 10,292 करोड़ रुपये भुगतान का निर्णय लिया गया है। 24 लाख 72 हजार किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हो रहे हैं।
भूमिहीन कृषक मजदूरों के लिए ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत वार्षिक 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला किसानों को 100% प्रमाणीकरण शुल्क अनुदान दिया गया है। दो वर्षों में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए गए।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से 6 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना में अनुदान 1,000 से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। तिलहन संवर्धन योजना में 1,500 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दिया जा रहा है।
फसल विविधीकरण हेतु धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने पर 11,000 रुपये प्रति एकड़ सहायता दी जाएगी। पाम ऑयल उत्पादन को बढ़ावा देने अतिरिक्त 69,620 रुपये टॉपअप अनुदान दिया जाएगा। 38 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही है। छुईखदान में पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया गया है।

पशुपालन और मत्स्य पालन: राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू कर 488 नई डेयरी समितियों का गठन किया गया। दूध का क्रय मूल्य 35 रुपये से बढ़ाकर 36.50 रुपये प्रति लीटर किया गया। दूध उत्पादन 1955 हजार टन से बढ़कर 2162 हजार टन हुआ।
मत्स्य उत्पादन में प्रदेश देश में छठवें स्थान पर है और 2047 तक तीसरे स्थान का लक्ष्य रखा गया है। कांकेर को बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट चुना गया। 7,580 हेक्टेयर में निजी क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है।
सिंचाई और बुनियादी ढांचा : पिछले दो वर्षों में 25 हजार हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता जोड़ी गई, कुल क्षमता 21.76 लाख हेक्टेयर हुई। 477 योजनाओं हेतु 1,874 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। लंबित मुआवजा मामलों में 500 करोड़ रुपये भुगतान किया गया।
महिला सशक्तिकरण : ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 69 लाख महिलाओं को मासिक 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। 24 किश्तों में 15,596 करोड़ रुपये जमा किए गए। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ। 137 महतारी सदन पूर्ण और 212 निर्माणाधीन हैं।

नक्सल उन्मूलन और बस्तर विकास : दो वर्षों में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज, 2,704 आत्मसमर्पण और 2,004 गिरफ्तारियां हुईं। ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 146 सड़क एवं पुल परियोजनाओं हेतु 1,109 करोड़ रुपये स्वीकृत। 728 मोबाइल टॉवर चालू, 449 को 4जी में अपग्रेड किया गया।
जनजातीय विकास : 4.83 लाख व्यक्तिगत, 48,251 सामुदायिक और 4,396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी। तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4,000 से बढ़ाकर 5,500 रुपये। एकलव्य विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये पुरस्कार।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा : नवा रायपुर को एजुकेशन हब बनाया जा रहा है। 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी। 5 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। 81 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 4,106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित। सिकल सेल उन्मूलन में राज्य अग्रणी।
औद्योगिक और ऊर्जा विकास : नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त। सेमीकंडक्टर, आईटी, एआई और फार्मा क्षेत्र में निवेश। 51 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट जारी। रायपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन।
सौर ऊर्जा के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ में राज्य 30 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान दे रहा है। 27,400 घरों में सोलर प्लांट स्थापित।
सांस्कृतिक और पर्यटन विकास : राजिम कुंभ, गिरौदपुरी धाम विकास, चित्रोत्पला फिल्म सिटी निर्माण प्रगति पर। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में 7 करोड़ पौधे रोपे गए। बस्तर के धुड़मारास को यूएन टूरिज्म संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव चुना।
प्रशासनिक सुधार : ई-फाइल, बायोमीट्रिक अटेंडेंस, डिजिटल गवर्नेंस लागू। राजस्व सर्वे में डीजीपीएस तकनीक। 970 गैर सर्वेक्षित गांवों का सर्वे पूर्ण।
अंत में राज्यपाल ने ‘अंजोर विजन 2047’ को विकसित छत्तीसगढ़ का ब्लूप्रिंट बताते हुए जनभागीदारी का आह्वान किया।
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