नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , विधायकों का वेतन वृद्धि बिल वापस लेने की तैयारी – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

विधायकों का वेतन वृद्धि बिल वापस लेने की तैयारी

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

भुवनेश्वर, ओड़िशा

By ACGN 7647981711, 9303948009

राज्यपाल ने लौटाया बिल, बजट सत्र में संशोधित प्रस्ताव लाने की तैयारी
भुवनेश्वर ACGN:- ओड़िशा में विधायकों के वेतन और भत्तों में तीन गुना वृद्धि से जुड़ा विवादित बिल अब वापस लिया जा सकता है। विशेष सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने इस बिल पर हस्ताक्षर करने के बजाय इसे सरकार को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया है। बताया जा रहा है कि अब राज्य सरकार वर्तमान विधानसभा सत्र में संशोधन बिल पेश करने की तैयारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव तैयार करने की सलाह दी है। चारों ओर से हो रहे विरोध और मीडिया में आलोचना के बाद इस बिल को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया था। पिछले विधानसभा सत्र में बहुमत से पारित इस बिल के तहत मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधायकों के वेतन व भत्तों के साथ-साथ पूर्व सदस्यों की पेंशन में भी भारी बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया था।


बिल पारित होने के बाद वर्तमान और पूर्व विधायकों को वेतन वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन गजट अधिसूचना जारी नहीं होने से किसी को भी बढ़ा हुआ वेतन या पेंशन नहीं मिल पाया। जैसे ही वेतन वृद्धि की राशि सार्वजनिक हुई, राज्यभर में इसका विरोध शुरू हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी इस निर्णय की आलोचना हुई।
सबसे पहले सीपीआई (एम) विधायक लक्ष्मण मुंडा ने बढ़ा हुआ वेतन लेने से इनकार किया। इसके बाद विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी वेतन वृद्धि स्वीकार नहीं करने की घोषणा कर दी। सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने भी मुख्यमंत्री से पुनर्विचार का अनुरोध किया था।


भाजपा विधायक जय नारायण मिश्र ने इस स्थिति के लिए बीजेडी को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि पहले समर्थन कर अब विरोध करना राजनीतिक दोहरापन है। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र काडाम ने सवाल उठाया है कि विधानसभा से पारित बिल को वापस क्यों लिया जा रहा है और इसका विरोध किया है।
पंचायत और नगर निकाय चुनाव सिर पर होने के कारण सरकार के लिए यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संशोधित बिल में क्या बदलाव किए जाएंगे और क्या उसे पहले की तरह सर्वसम्मति मिल पाएगी या नहीं। फिलहाल सरकार संशोधन के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों के साथ
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now