कैबिनेट के अहम फैसले, होली से पहले किसानों को 10 हजार करोड़ की सौगात
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
राज्यपाल अभिभाषण को मंजूरी, विनियोग विधेयक-2026 स्वीकृत, धान मूल्य अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान
रायपुर | ACGN:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम और दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय लिए गए। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र, राज्य के बजट प्रावधानों और किसानों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद अनुमोदन प्रदान किया गया।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा के अष्टम सत्र, जो फरवरी-मार्च 2026 में आयोजित होगा, उसके लिए माननीय राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को मंजूरी दी। यह अभिभाषण राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा, जिसे सत्र की शुरुआत में राज्यपाल द्वारा पढ़ा जाएगा।

बैठक में बजट अनुमान वर्ष 2026-27 को विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई। विनियोग विधेयक के माध्यम से राज्य सरकार विभिन्न विभागों के लिए वित्तीय प्रावधानों को विधिक मान्यता देती है, जिससे आगामी वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होता है।
मंत्रिपरिषद का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय किसानों के हित में रहा। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान करने का फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान होली से पहले सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसे देश में सर्वाधिक समर्थन दरों में से एक माना जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस वर्ष होली से पूर्व 10 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान के साथ यह कुल राशि बढ़कर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार का मानना है कि त्योहारी सीजन से पहले यह भुगतान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेगा और बाजार में क्रय शक्ति बढ़ेगी।
कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य की वित्तीय योजना, किसान कल्याण और आगामी विधानसभा सत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से किसानों को एकमुश्त राशि के भुगतान से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






