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तहसीलदार पर लगाए गए आरोप असत्य पाए गए, जनदर्शन में जनप्रतिनिधि ने दी लिखित माफी

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मुंगेली छत्तीसगढ़

By ACGN 7647 9817119303 948009

मुंगेली | लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार शेखर पटेल के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ सामने आया है। समाजसेवी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी कोमल सिंह राजपूत ने जिला जनदर्शन अधिकारी, मुंगेली के समक्ष अपने द्वारा लगाए गए आरोपों पर लिखित रूप से माफी प्रस्तुत की है।


कोमल सिंह राजपूत द्वारा प्रस्तुत माफीनामे में यह स्वीकार किया गया है कि उन्होंने टोकन क्रमांक 15526 के अंतर्गत तहसीलदार शेखर पटेल पर महिला कर्मचारियों को वीडियो कॉल कर अशोभनीय बातें करने तथा सीबीआई एवं ईडी जांच की मांग को लेकर जो शिकायत दर्ज कराई थी, वह तथ्यों पर आधारित नहीं थी। माफीनामे में उन्होंने उक्त शिकायत के लिए हाथ जोड़कर क्षमा याचना की है।


इस पूरे प्रकरण में तहसीलदार शेखर पटेल की ओर से पैरवी कर रहे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता निखिल शुक्ला ने कहा कि
“माफी मांगना किसी व्यक्ति को छोटा नहीं बनाता, बल्कि यह उसके नैतिक साहस और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक जनप्रतिनिधि के लिए सत्य का मार्ग अपनाना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।”
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि बिना ठोस प्रमाण किसी प्रशासनिक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी आघात पहुँचता है।
इस प्रकरण से प्रशासनिक महकमे में भी यह संदेश गया है कि कानून और सत्य के सामने अंततः असत्य टिक नहीं पाता। भविष्य में इस प्रकार के निराधार आरोपों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी अधिक सतर्क और सजग रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, उक्त माफीनामा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राज्यपाल, गृह मंत्री, डीआईजी एवं जिला प्रशासन सहित अनेक संवैधानिक पदाधिकारियों को सूचनार्थ प्रेषित किया गया है।
प्रशासनिक और कानूनी हलकों में इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि अफवाहों, सोशल मीडिया या राजनीतिक दबाव के आधार पर लगाए गए आरोप अंततः सत्य की कसौटी पर टिक नहीं पाते।

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