गौवंश तस्करी पर रायगढ़ पुलिस का सख्त प्रहार, तीन आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
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रायगढ़ छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
08 गौवंश सुरक्षित मुक्त, ओडिशा की ओर पैदल ले जाते पकड़े गए तस्कर
लैलूंगा पुलिस की त्वरित घेराबंदी, गौशाला में सुरक्षित रखे गए मवेशी
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना लैलूंगा पुलिस ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए गौवंश तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 08 नग गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को विशेष रूप से सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में सतर्कता बरतने एवं गौवंश तस्करों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के परिपालन में लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन व्यक्ति कुंजारा क्षेत्र से गौवंशों को पैदल, क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते तथा बिना चारा-पानी के उड़ीसा की ओर हांकते हुए ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हमराह स्टाफ के साथ अटल चौक, लैलूंगा के पास घेराबंदी की। कुछ ही समय में पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर तीन व्यक्तियों को 08 नग गौवंशों को बेरहमी से ले जाते हुए पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मायाराम नागवंशी पिता बघेलराम नागवंशी उम्र 45 वर्ष, सोहन यादव पिता ईश्वर यादव उम्र 47 वर्ष तथा विद्याधर नागवंशी पिता जितेन्द्र राम उम्र 36 वर्ष, सभी निवासी थाना बागबहार जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) बताया। पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया, किंतु आरोपी कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके पश्चात गवाहों के समक्ष आरोपियों के कब्जे से 08 नग गौवंश जप्त किए गए।
थाना प्रभारी गिरधारी साव द्वारा तत्काल गौवंशों के लिए पानी एवं चारे की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला में रखवाया गया। आरोपियों के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 35/2026 पंजीबद्ध कर छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक रामप्रसाद चौहान एवं आरक्षक चमार साय भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिले में गौवंश तस्करी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त लोगों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिक यदि कहीं भी पशु तस्करी की जानकारी प्राप्त करें तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।”
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