कृषि योजनाओं को मिशन मोड में उतारने कलेक्टर ने कसी कमर
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की समीक्षा में अधिकारियों को मिले स्पष्ट लक्ष्य, गांव-गांव किसान चौपाल के निर्देश
कोरबा। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों की समृद्धि से जुड़े सूचकांकों में ठोस सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि से जुड़े सभी विभाग योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि मिशन मोड में धरातल पर उतारें।
कलेक्टर ने आगामी वर्ष के लिए विभागवार लक्ष्य तय करने और उसके अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग को एग्रीस्टेक पोर्टल पर सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा कराने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के लक्ष्यों को प्राथमिकता के साथ हासिल करने को कहा।

बैठक में आरएईओ को लक्ष्य आबंटित कर गांव स्तर पर किसान चौपाल शिविर आयोजित करने और उनका व्यवस्थित शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए गए। इन शिविरों के माध्यम से आधार और भूमि सीडिंग, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पात्र किसानों की पहचान और विभिन्न योजनाओं के लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने, मास्टर ट्रेनर नियुक्त कर आरएईओ और रिसोर्स पर्सन को प्रशिक्षित करने तथा प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक फसल से दो फसल की ओर प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑयल सीड, रामतिल, कोदो और रागी जैसे मोटे अनाजों के उत्पादन व क्षेत्र विस्तार के लिए प्रभावी रणनीति बनाने को कहा।

उन्होंने कृषि सखी और पशु सखी के समन्वित प्रयासों से योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने, नए कृषक उत्पादक संगठन गठित कर अधिक किसानों को एफपीओ से जोड़ने और पॉली बैग व शेडनेट खेती को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केज कल्चर, तालाब-डबरी निर्माण और मछली पालन गतिविधियों के विस्तार, पशुपालन विभाग द्वारा कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण अभियानों की गति बढ़ाने तथा जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई रकबा बढ़ाने के लिए नए स्थलों की पहचान के निर्देश दिए गए। किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण को ध्यान में रखते हुए स्टोरेज और कोल्ड स्टोरेज से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया।
बैठक में सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, जल संसाधन, सहकारिता, लीड बैंक, नाबार्ड और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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