पीएम श्री स्कूल में नियमों को दरकिनार कर निर्माण, भाजपा नेता की भूमिका पर सवाल
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN | 7647981711, 9303948009
मंडल अध्यक्ष होने का प्रभाव? पंचायत की अनुमति बिना निर्माण शुरू, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
कोरबा ACGN :- जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा में स्थित पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में चल रहा निर्माण कार्य अब खुलकर राजनीतिक दबाव, पद के दुरुपयोग और प्रशासनिक निष्क्रियता की ओर इशारा कर रहा है।
ग्राम पंचायत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि आधिकारिक पत्रों और रिकॉर्ड के अनुसार, पीएम श्री समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत प्रयोगशाला कक्ष निर्माण की स्वीकृति तो शासन स्तर से दी गई थी, लेकिन निर्माण प्रारंभ करने की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
निर्माण किसने और क्यों शुरू कराया?

दस्तावेजों में स्पष्ट उल्लेख है कि यह निर्माण कार्य किशन प्रसाद साव द्वारा प्रारंभ कराया गया, जो कि भारतीय जनता पार्टी के उरगा मंडल अध्यक्ष, तथा शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC) के अध्यक्ष हैं।
पत्र के अनुसार पंचायत का आरोप है कि इन्हीं पदों के प्रभाव का उपयोग करते हुए बिना ग्राम पंचायत की अनुमति,या एजेंसी चयन की प्रक्रिया,और पंचायत प्रस्ताव के निर्माण कार्य को मनमाने तरीके से शुरू कर दिया गया।
एजेंसी चयन भी नियमों से बाहर
पत्रों में यह भी उल्लेख है कि निर्माण के लिए न तो पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल तिलकेजा को विधिवत कार्य एजेंसी बनाया गया,
न ही उसके अधीन किसी समिति से कार्य स्वीकृत कराया गया।
इसके विपरीत, स्थानीय स्तर पर स्वयं के प्रभाव से कार्य शुरू कर दिया गया, जो सीधे तौर पर शासकीय निर्माण नियमों और वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन माना जा रहा है।
शिकायतें हुईं, पर सत्ता भारी पड़ी

ग्राम पंचायत तिलकेजा द्वारा यह मामला 5 जनवरी 2026 को कलेक्टर जनदर्शन, तथा 23 जनवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष विधिवत उठाया गया।
इसके बावजूद न तो निर्माण रोका गया और न ही संबंधित व्यक्ति पर कोई ठोस कार्रवाई सामने आई। पंचायत का आरोप है कि राजनीतिक रसूख के चलते प्रशासनिक स्तर पर फाइलें आगे नहीं बढ़ीं।
पंचायत ने जताई सख्त आपत्ति
इस प्रकार शासन की लगातार अनदेखी के बाद ग्राम पंचायत तिलकेजा ने अवैध निर्माण पर रोक लगाने की बात कही है और स्पष्ट किया है कि आगे कोई भी निर्माण पंचायत की अनुमति, नियमों और प्रक्रिया के बिना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पंचायत ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस अवैध निर्माण को लेकर ग्राम में तनाव या अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों केसवाल जो अब टाले नहीं जा सकते क्या भाजपा पदाधिकारी होना कानून से ऊपर होने का लाइसेंस है?
क्या पीएम श्री जैसी योजना स्थानीय राजनीतिक मनमानी की शिकार बन रही है?
क्या शिकायतों पर कार्रवाई केवल आम नागरिकों के लिए होती है?
पीएम श्री स्कूल तिलकेजा का यह मामला अब एक निर्माण विवाद नहीं, बल्कि सत्ता, संरक्षण और चुप्पी की पूरी तस्वीर पेश कर रहा है।
प्रदीप मिश्रा स्वतंत्र पत्रकार
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