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आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बनेगा बस्तर पण्डुम 2026

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

बस्तर की माटी की खुशबू और जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर छाप छोड़ने को तैयार, 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन
रायपुर ACGN :- बस्तर पण्डुम 2026 छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक कलाओं और परंपरागत जीवनशैली को संरक्षित और प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव बनने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर की आत्मा और पहचान का प्रतीक है, जिसमें पारंपरिक नृत्य, मांदर-बांसुरी जैसे लोक वाद्य, पारंपरिक वेशभूषा, काष्ठ, बांस और धातु शिल्प, आंचलिक व्यंजन और लोक जीवन की विविध झलक देखने को मिलेगी। यह उत्सव स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा। आयोजन के दौरान बस्तर अंचल की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।


इस वर्ष बस्तर पण्डुम ने जनभागीदारी के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2025 में विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में जहां 15,596 प्रतिभागियों ने भाग लिया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 54,745 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा बस्तरवासियों की अपनी परंपरा, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी जागरूकता और उत्साह को दर्शाता है। दंतेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ सर्वाधिक भागीदारी दर्ज की है, जबकि कांकेर, बीजापुर और सुकमा जिलों से भी हजारों प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी पहचान दर्ज कराने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का आयोजन 07 से 09 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, जिसे लेकर पूरे बस्तर संभाग में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से चयनित 84 दलों के 705 कलाकार इन तीन दिनों में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन के दौरान जनजातीय नृत्यों की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और लोक नाट्यों का मंचन मुख्य आकर्षण रहेगा।


प्रतियोगिता में कुल 12 विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें 192 कलाकार जनजातीय नृत्य और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में भाग लेंगे। 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से समां बांधेंगे, जबकि 56 प्रतिभागी पारंपरिक जनजातीय व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प, आभूषण और आंचलिक साहित्य की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेगी।
इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिलाओं की मजबूत भागीदारी है। संभाग स्तर पर चयनित 705 प्रतिभागियों में 340 महिलाएं और 365 पुरुष कलाकार शामिल हैं। यह संतुलन दर्शाता है कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महिलाएं भी समान रूप से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। व्यापक जनभागीदारी और सांस्कृतिक वैभव के साथ बस्तर पण्डुम 2026 एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन बनने की ओर अग्रसर है।

प्रदीप मिश्रा
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