ड्रोन की नज़र, अपराध पर वार
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
ड्रोन तकनीक और सुदृढ़ बीट प्रणाली से अपराध नियंत्रण, नशाखोरी और यातायात अव्यवस्था पर पुलिस का सख्त प्रहार
बिलासपुर ACGN :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बिलासपुर जिले में अपराध नियंत्रण, नशाखोरी, अड्डेबाजी, असामाजिक गतिविधियों एवं यातायात अव्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ड्रोन तकनीक आधारित विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के संवेदनशील और चिन्हित क्षेत्रों में ड्रोन से लाइव निगरानी कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
सिरगिट्टी क्षेत्र में ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर दबिश दी गई, जहां नशा सेवन और अड्डेबाजी में लिप्त 15 संदिग्धों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं सरकण्डा क्षेत्र स्थित साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित व्यापार मेले के दौरान ड्रोन के माध्यम से यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया गया, जिससे व्यवस्था सुचारु बनी रही।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्रोन निगरानी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि प्रत्येक थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
इसी क्रम में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में बीट प्रणाली को मानक कार्यप्रणाली के अनुसार सुदृढ़ रूप से लागू किया गया है। बीट अधिकारियों को अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, किरायेदारों एवं नवागंतुकों की जानकारी संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से निरंतर संवाद स्थापित कर प्रारंभिक सूचना संकलन, अपराध की रोकथाम और जनविश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बीट में आवंटित मोटरसाइकिलों में जीपीएस लगाए गए हैं, जिससे पुलिस की निरंतर उपस्थिति और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24×7 गश्त की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बीट क्षेत्र में छह आरक्षक तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे।
शहरी बीट में बाजार, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र, स्लम बस्तियां, स्कूल कॉलेज, एटीएम, बस और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों को शामिल किया गया है, जबकि ग्रामीण बीट प्रणाली के अंतर्गत गांव, खेत-खलिहान, जलस्रोत, वन सीमा क्षेत्र और दुर्घटनाजन्य स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बीट अधिकारियों को नशा, जुआ-सट्टा, चोरी, नकबजनी, छेड़छाड़ और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच प्रभावी रूप से की जा रही है। बीट रजिस्टर और बीट डायरी का नियमित संधारण कर अपराध मानचित्रण और घटनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि ड्रोन तकनीक और सुदृढ़ बीट प्रणाली के माध्यम से जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाया जा रहा है।
प्रदीप मिश्रा
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