अपराध नियंत्रण को नई धार, जिले में सुदृढ़ हुई बीट प्रणाली
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
24×7 गश्त, जनसमन्वय और सामुदायिक पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था मजबूत करने की पहल
बिलासपुर ACGN :- जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आम जनता से प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बीट प्रणाली को मानक कार्यप्रणाली के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से पुलिस की सतत उपस्थिति, त्वरित कार्रवाई और जनविश्वास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बीट अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, किरायेदारों एवं नवागंतुकों की जानकारी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों से निरंतर संवाद स्थापित कर प्रारंभिक सूचना संकलन, अपराध की रोकथाम और पुलिस–जन सहयोग को मजबूत किया जा रहा है।

बीट में आवंटित मोटरसाइकिलों में जीपीएस लगाए गए हैं, जिससे पुलिस की निरंतर निगरानी और क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। बीट प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस की दृश्यता बढ़ेगी, घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी और सामुदायिक पुलिसिंग को नई मजबूती मिलेगी।

जिले में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बीट प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक बीट क्षेत्र में छह आरक्षक तैनात किए गए हैं, जो प्रातः, सायं और रात्रि तीन शिफ्टों में 24×7 गश्त और निगरानी सुनिश्चित करेंगे।

शहरी बीट क्षेत्रों में बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाके, स्लम बस्तियां, स्कूल कॉलेज, एटीएम, बस और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों को शामिल किया गया है। वहीं ग्रामीण बीट प्रणाली के तहत तीन से छह गांव, खेत-खलिहान, जलस्रोत, वन सीमा क्षेत्र, बंदोबस्त क्षेत्र और दुर्घटनाजन्य स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बीट अधिकारियों को नियमित भ्रमण कर संदिग्ध व्यक्तियों, अपराधी तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों और बाहरी आगंतुकों पर सतत नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नशा, जुआ-सट्टा, चोरी, नकबजनी, छेड़छाड़ और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर इसके नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

बीट अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, चौकीदारों, सरपंच, कोटवार और शिक्षकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा। भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद और सामुदायिक रूप से संवेदनशील मामलों की समय रहते जानकारी लेकर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
रात्रिकालीन गश्त विशेष रूप से रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच प्रभावी ढंग से की जाएगी। प्रत्येक बीट में बीट रजिस्टर और बीट डायरी का नियमित संधारण किया जाएगा, साथ ही अपराध मानचित्रण, घटनाओं का विश्लेषण और प्रमुख स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों एवं क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस उपस्थिति को और सशक्त बनाया जाएगा।
प्रदीप मिश्रा
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