बालसमुंद जलाशय में आर्द्रभूमि संरक्षण कार्यशाला: 46 पक्षी प्रजातियों की हुई पहचान
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बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647 9817119303 948009
जैव विविधता संवर्धन एवं स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
रायपुर, / विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर बालसमुंद जलाशय, पलारी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बलौदाबाजार द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, जलाशय क्षेत्र में संपन्न हुआ।

कार्यशाला में लगभग 60 प्रतिभागियों, 5 विशेषज्ञों और जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से 49 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स की मदद से जलाशय क्षेत्र में 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। छात्रों ने जल नमूने एकत्रित कर जल गुणवत्ता और जलीय जीवों का अध्ययन भी किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ न केवल पक्षियों और जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास हैं, बल्कि ये भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और स्थानीय जलवायु संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। बालसमुंद जलाशय स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर, उप-विभागीय अधिकारी (वन) श्री निश्चल चंद शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्रखर नायक, और कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक प्रो. अजय मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। नगर पंचायत पलारी के अध्यक्ष गोपी साहू, उपाध्यक्ष पिंटू वर्मा, हितेंद्र ठाकुर एवं शोधार्थी दीपक तिवारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डिप्टी रेंजर धर्म सिंह बरिहा, बीट प्रभारी मनबोधन टंडन, आबिद अली खान, रामनारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदाय को आर्द्रभूमियों के महत्व और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में सक्रिय करना रहा।
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