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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का भव्य समापन, रायगढ़ पुलिस की पहल से जागरूकता को मिला जनसमर्थन

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रायगढ़ छत्तीसगढ़

By ACGN 7647 9817119303 948009


विद्यार्थियों का सम्मान, नागरिकों को मिला संदेश“नियम नहीं, जीवन बचाने का माध्यम है यातायात अनुशासन”

रायगढ़ | सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ोतरी आज केवल एक प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले चुकी है। प्रतिदिन किसी न किसी परिवार का चिराग असमय बुझ रहा है, जिससे समाज को अपूरणीय क्षति हो रही है। इसी कड़वी सच्चाई को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित यातायात और जनजागरूकता के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए गए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन शुक्रवार को पुलिस सामुदायिक भवन परिसर में भव्य, गरिमामय और जनसहभागिता से परिपूर्ण कार्यक्रम के साथ किया गया।


समापन समारोह में माहभर चले सड़क सुरक्षा अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले स्कूली विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाली शासकीय व गैर-शासकीय संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, उद्योग समूहों, परिवहन संगठनों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति जिला पुलिस प्रशासन द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
जनभागीदारी से ही घटेंगी सड़क दुर्घटनाएं — अतिथियों का एकमत संदेश
समारोह में नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, पूर्व सभापति सुरेश गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह मंचासीन रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों, छात्र-छात्राओं और पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए सभी अतिथियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण केवल चालान, सख्ती या कानून से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और व्यवहार में परिवर्तन अत्यंत आवश्यक है।
अतिथियों ने कहा कि यातायात नियम किसी पर बोझ नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। इन्हें अपनाकर ही दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी लाई जा सकती है।
“संदेशदूत बनकर जाएं” एसएसपी शशि मोहन सिंह की भावनात्मक अपील


समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं आज एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी हैं, जिसमें हर साल हजारों परिवार उजड़ जाते हैं।
एसएसपी ने कहा “हर सड़क दुर्घटना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि किसी मां की गोद सूनी हो जाती है, किसी पत्नी का सहारा छिन जाता है और किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाता है। इसे रोकने के लिए पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग सहित कई एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं, लेकिन जब तक आम नागरिक यातायात नियमों को अपनी आदत नहीं बनाएंगे, तब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएंगे।”
उन्होंने उपस्थित नागरिकों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे यहां से “संदेशदूत” बनकर जाएं और अपने घर-परिवार, मित्रों, पड़ोसियों व समाज के अन्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।
एसएसपी ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के सदस्यों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि उनका भावनात्मक प्रभाव सबसे अधिक और सबसे असरदार होता है।
हेलमेट, सीट बेल्ट और संयमित गति जीवन रक्षा की कुंजी : महापौर


नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ओवरस्पीडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाने, मोबाइल फोन के उपयोग और हेलमेट न पहनने जैसी लापरवाहियों के कारण होती हैं।
महापौर ने कहा “हेलमेट और सीट बेल्ट कोई दिखावा नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। कुछ सेकंड की लापरवाही पूरे जीवन का दर्द बन सकती है।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने बच्चों व युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें।
छोटी सावधानी, बड़ी सुरक्षा — एएसपी अनिल सोनी


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियम भले ही साधारण प्रतीत होते हों, लेकिन उनका प्रभाव जीवनरक्षक होता है।
उन्होंने कहा“हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, सिग्नल का पालन करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी बनाना—ये छोटी-छोटी सावधानियां हैं, जो बड़ी और जानलेवा दुर्घटनाओं से बचा सकती हैं।”
एएसपी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे यातायात नियमों को मजबूरी या डर की बजाय अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का कवच समझें।


माहभर चले अभियानों का विस्तृत ब्यौरा — डीएसपी ट्रैफिक
डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले में किए गए अभियानों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पूरे माह जिलेभर में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जागरूकता रथ, नुक्कड़ नाटक और हेलमेट जागरूकता रैलियों का आयोजन
1850 छोटे-बड़े वाहनों में रेडियम टेप लगाए गए, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके
अमलीभौना एनएच रोड एवं ट्रॉमा सेंटर पूंजीपथरा में नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, जिनमें लगभग 645 भारी वाहन चालक लाभान्वित हुए
जिले के 42 शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों से सीधा संवाद
रामलीला मैदान में आयोजित लर्निंग लाइसेंस शिविर, जिसमें 278 नए वाहन चालकों को लाभ पहुंचाया गया
बच्चों की सहभागिता बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत


विद्यालयीन स्तर पर “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” विषय पर चित्रकला, स्लोगन लेखन और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के 18 विद्यालयों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वहीं ग्रामीण अंचलों में जिंदल फाउंडेशन, अडानी ग्रुप एवं अनुज सिंह ट्रांसपोर्टर के सहयोग से दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिला।
नुक्कड़ नाटक और नृत्य से दिया गया सशक्त संदेश


समापन समारोह में साधुराम विद्या मंदिर, संस्कार पब्लिक स्कूल एवं श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सड़क सुरक्षा विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक और नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं।
बच्चों की प्रस्तुति ने हेलमेट पहनने, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश सरल, भावनात्मक और प्रभावी ढंग से दिया, जिसे उपस्थित नागरिकों ने खूब सराहा।
सामूहिक संकल्प के साथ हुआ समापन


कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, विद्यार्थियों, पुलिसकर्मियों और नागरिकों ने सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
समारोह में यातायात पुलिस स्टाफ, पुलिस परिवार, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रायगढ़ जिले में जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिकों के निर्माण की दिशा में एक मजबूत और सार्थक कदम साबित हुआ।

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