नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

नारायणपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009


गढ़बेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप, मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला और सांस्कृतिक विरासत को सराहा

नारायणपुर ACGN :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान गढ़बेंगाल घोटुल पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और समृद्ध लोक-संस्कृति के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को साकार रूप में प्रस्तुत किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री स्वयं लोक-संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।


मुख्यमंत्री ने गढ़बेंगाल घोटुल की अनूठी स्थापत्यकला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से आदिवासी समाज के लिए शिक्षा और संस्कार का केंद्र रहा है। चेंदरू पार्क के समीप निर्मित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल बस्तर की गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है और सरकार इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।


मुख्यमंत्री ने घोटुल परिसर में लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा, युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों, तथा बिडार कुरमा में पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक सामग्रियों के संग्रह का निरीक्षण किया। ग्रामीणों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर स्थानीय खान-पान संस्कृति का सम्मान किया।

इस अवसर पर गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दाल, हिरुवा दाल, जीरा भाजी, कनकी पेज, घिरोल फूल भाजी, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लड्डू और रागी जलेबी परोसी गई।
इस दौरान वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, पद्मश्री पंडीराम मंडावी, लोक कलाकार बुटलू राम और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संध्या पवार भी उपस्थित रहे और सभी ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।


मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट की। उन्होंने वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और प्रसिद्ध लोक कलाकार बुटलू राम से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। साथ ही टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनों से भी भेंट की।
वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूरी तरह इको-फ्रेंडली है, जिसमें लकड़ी, मिट्टी और बांस का उपयोग किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जो सांस्कृतिक जुड़ाव और विरासत संरक्षण का प्रभावी उदाहरण है।
प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now