भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और व्यंजन बने आकर्षण
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
लाल किले पर छत्तीसगढ़ के स्वाद, नृत्य और पर्यटन पवेलियन ने खींचा दर्शकों का ध्यान
रायपुर ACGN :-लाल किले के सामने लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित भारत पर्व 2026 में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। गणतंत्र दिवस समारोहों के अंतर्गत आयोजित इस छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं, पारंपरिक व्यंजन और पर्यटन पवेलियन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पंथी सहित अन्य पारंपरिक लोक नृत्य रंग-बिरंगे परिधानों, जोशीले कदमों और जनजातीय तालों के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं, जहां लोग रुक-रुक कर कार्यक्रम का आनंद ले रहे हैं और तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे हैं।

भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के फूड स्टॉल पर भी दिनभर अच्छी-खासी भीड़ बनी हुई है, जहां चिला, ठेठरी, खुरमी और फरा जैसे पारंपरिक व्यंजनों को चखने के लिए आगंतुकों में खास उत्साह देखा जा रहा है। कई लोग पहली बार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं और इसकी सादगी, पौष्टिकता और स्वाद की सराहना कर रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ पर्यटन पवेलियन को भी दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जहां राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, उत्सवों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा रही है। पवेलियन के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पर्यटक विशेष रूप से चित्रकोट जलप्रपात, बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य और सिरपुर जैसे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं और यात्रा मार्गों, ईको-टूरिज्म संभावनाओं तथा होमस्टे सुविधाओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इसके साथ ही कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी को भी भारत पर्व में शामिल किया गया है, जो दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय की अवधारणा पर आधारित यह झांकी अपनी कलात्मक प्रस्तुति और प्रभावशाली संदेश के लिए सराही जा रही है और बड़ी संख्या में लोग इसके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं।
31 जनवरी को समापन होने वाला भारत पर्व 2026 देश की सांस्कृतिक विविधता का सशक्त मंच बनकर उभरा है, जहां विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं, परंपरागत परिधान, हस्तशिल्प, संगीत और क्षेत्रीय व्यंजन एक साथ देखने को मिल रहे हैं और छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट पहचान के साथ लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
प्रदीप मिश्रा
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