राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत रमन विश्वविद्यालय में विशाल जागरूकता कार्यक्रम
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN | 7647981711, 9303948009
हजारों छात्रों व अधिकारियों ने निभाई सहभागिता, यातायात नियमों के पालन की दिलाई गई शपथ
बिलासपुर:- सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन देशभर में किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देश पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में रमन विश्वविद्यालय कोटा, बिलासपुर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत विशाल सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार घोष, कुल सचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी एवं समकुलपति डॉ. जयति चटर्जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह उपस्थित रहे, जिन्होंने सड़क सुरक्षा के चार ई सिद्धांत—इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट एवं इमरजेंसी हेल्थ सर्विस—पर विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा विभिन्न विभागों के समन्वय से किए गए इंजीनियरिंग सुधारों के परिणामस्वरूप जिले के छह दुर्घटना जन्य ब्लैक स्पॉट में से तीन को समाप्त कर दिया गया है, जिससे ब्लैक स्पॉट की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के आंकड़ों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो सख्त प्रवर्तन कार्रवाई और नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि यातायात शिक्षा के तहत जिले में प्रतिदिन लाखों लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए 23 स्थानों पर लगे पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, एफएम रेडियो, आकाशवाणी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम के माध्यम से लगातार संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नियम उल्लंघन करने वालों को मौके पर ही सुधार की हिदायत भी दी जाती है।

कार्यक्रम में कैशलेस उपचार योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति को स्वर्णिम समय में अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी भी दी गई। अज्ञात वाहन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से क्षतिपूर्ति मिलने की जानकारी भी साझा की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, तेज गति और मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त उप निरीक्षक उमाशंकर पांडे द्वारा सभागार में उपस्थित समस्त जनों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नूपुर उपाध्याय, थाना प्रभारी चौहान, विश्वविद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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