देवरहट में 34वां अहीर नृत्य एवं छेरछेरा महोत्सव सम्पन्न, शांति सोनी सर्वश्रेष्ठ आलेख सम्मान से सम्मानित
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मुंगेली, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
यदुवंशी शौर्य, राउत नाचा और काव्यगोष्ठी के संग साहित्य–संस्कृति–अध्यात्म की त्रिवेणी में डूबा देवरहट
मुंगेली ACGN:- देवरहट ग्राम में चौतीसवां अहीर नृत्य कला महोत्सव एवं छेरछेरा पर्व पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। पूष पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और अध्यात्म की त्रिवेणी ने हजारों ग्रामीणों को एक सूत्र में पिरो दिया। राउत नाचा के माध्यम से गांव–गांव से आए नर्तक दलों ने यदुवंशी शौर्य और परंपरा का जीवंत प्रदर्शन किया, वहीं छेरछेरा पर्व की सामूहिक चेतना ने सामाजिक एकता का संदेश दिया।
अहीर नृत्य कला परिषद देवरहट के संस्थापक गोलोकवासी स्वामी शारदानंद महाराज के कृपापात्र और संस्कृति प्रेमी समाजसेवी डॉ. मन्तराम यादव एवं उनके सहयोगियों द्वारा विगत तैंतीस वर्षों से यह आयोजन जनसहयोग से निरंतर किया जा रहा है। डॉ. यादव ने प्रस्तावित उद्बोधन में बताया कि 34 वर्ष पूर्व माता–पिता के आशीर्वाद और गुरुदेव की प्रेरणा से इस आयोजन की नींव रखी गई थी, उस समय ग्राम में मूलभूत सुविधाएं भी सीमित थीं, लेकिन संस्कृति संरक्षण और यादवी परंपरा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प आज भी उतना ही मजबूत है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना, अतिथि स्वागत के पश्चात काव्यगोष्ठी आयोजित हुई। काव्यगोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि राघवेन्द्रधर दीवान रहे, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी और प्रोफेसर चंद्रशेखर सिंह उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार बुधराम यादव ने की। संचालन डॉ. दीनदयाल यादव ने किया। इस अवसर पर रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से आए कवियों ने अपनी सरस और सुमधुर रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

महोत्सव के दौरान साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े अनेक प्रतिभावान व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। द्वितीय वर्ग में चंद्रमोहन बाजपेयी बिलासपुर, डीएसपी सुनील कश्यप बांधा, सहायक लेखाधिकारी अनिल कश्यप बांधा तथा तृतीय वर्ग में सरपंच टीकाराम यादव सिलपहरी, वीरेन्द्र यादव देवरी और हेरम्य यादव लखनपुर को सम्मान प्रदान किया गया।
लोक साहित्य एवं संस्कृति के अंतर्गत पुस्तक हेतु आलेख प्रतियोगिता में “वर्षा ऋतु का श्रृंगार : प्रकृति में लाई बरखा की बहार” शीर्षक आलेख के लिए श्रीमती शांति सोनी को सर्वश्रेष्ठ आलेख सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा उन्हें शॉल, श्रीफल, मोमेंटो और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी।
प्रदीप मिश्रा
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