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आर्थिक उगाही की नीयत से SECL पर जिंदा नाला पाटने का झूठा आरोप, जांच में खुली पोल

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रायगढ़ छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009

डोमनरा खदान में फ्लाई ऐश उपयोग को लेकर फैलाया गया भ्रम, प्रशासनिक जांच में आरोप निराधार

रायगढ़ ACGN:- रायगढ़ जिले के छाल उपक्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल की खरसिया डोमनरा खुली खदान में कथित तौर पर जिंदा नाला को फ्लाई ऐश से पाटने के लगाए गए आरोप पूरी तरह मिथ्या और दुर्भावनापूर्ण पाए गए हैं। यह आरोप कुछ लोगों द्वारा आर्थिक लाभ की मंशा से लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसका उद्देश्य संबंधित कार्य से जुड़े लोगों की छवि को धूमिल करना था।


जानकारी के अनुसार डोमनरा खुली खदान में आज से कुछ वर्ष पूर्व कोयला खनन किया गया था। खनन के दौरान बने गड्ढे में बरसात के दिनों में पानी बहने लगा, जिसे स्थानीय लोग आज भी खदान नाला के नाम से जानते हैं। यह एक मौसमी बरसाती नाला है, जिसमें वर्षा के अभाव में वर्तमान में पानी नहीं है।


नाले के समीप खदान के गड्ढे में फ्लाई ऐश यूटिलाइजेशन के लिए एसईसीएल द्वारा विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए डीबी पावर को अनुमति प्रदान की गई थी। इस कार्य का परिवहन डीबी पावर से छाल ट्रांसपोर्ट की प्रो. अनीता गर्ग द्वारा विभागीय नियमों के तहत स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति एवं सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से किया गया।


इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा दुर्भावना और आर्थिक उगाही के उद्देश्य से सोशल मीडिया और अखबारों में झूठी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भ्रामक समाचार प्रसारित किए गए, जिससे संबंधित पक्ष की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन संभाग रायगढ़ द्वारा दिनांक 6 जनवरी को मौके पर पहुंचकर नाले का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह स्पष्ट पाया गया कि नाले के मार्ग में किसी भी प्रकार की डंपिंग नहीं की गई है और न ही नाले के प्राकृतिक बहाव में कोई अवरोध मौजूद है। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि यह मौसमी बरसाती नाला है, जो वर्षा न होने के कारण वर्तमान में सूखा हुआ है।


प्रशासनिक जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जिंदा नाला पाटने का आरोप तथ्यहीन है और इसे केवल आर्थिक लाभ लेने के उद्देश्य से उछाला गया था।

प्रदीप मिश्रा
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