बस्तर से संवाद और विकास की रफ्तार से मजबूत होगा भरोसा, नक्सलवाद अंतिम चरण में : मुख्यमंत्री साय
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रायपुर | छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बस्तर के समग्र विकास और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय से सबसे बड़ी चुनौती रहे नक्सलवाद के खात्मे की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षाबलों के निरंतर अभियानों से नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अब सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि बस्तर अंचल से सतत संवाद कायम रखते हुए विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि जनविश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर का संतुलित और सर्वांगीण विकास है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने आगामी तीन वर्षों के लिए एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में उसके क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और सचिवों को बस्तर क्षेत्र का नियमित दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार बेहद जरूरी है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचे और शासन पर लोगों का भरोसा मजबूत हो।
बैठक में पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने फ्लोराइड प्रभावित इलाकों में स्थायी समाधान के लिए सतही जल स्रोतों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने, शेष गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण और दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। आधार कार्ड निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन विकास को लेकर मुख्यमंत्री साय ने होम-स्टे को बढ़ावा देने, स्वदेश दर्शन योजना के तहत चिन्हित स्थलों के विकास और बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों के प्रशिक्षण पहल की सराहना की।
बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण और प्रसंस्करण, भवन विहीन विद्यालयों के लिए शीघ्र राशि स्वीकृति, नवोदय और पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएं, आंगनबाड़ी और बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना तथा रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील सहित मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव, सचिवगण और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदीप मिश्रा
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