नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की मजबूत पहल – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की मजबूत पहल

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

बांकीमोंगरा में एक दिवसीय एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर में 100 लोगों की जांच

कोरबा ACGN:- कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी के नेतृत्व में कटघोरा विकासखंड के ग्राम बांकीमोंगरा में जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा 10 जनवरी 2026 को एक दिवसीय इंटेंसिफाइड एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को समय रहते जांच व उपचार से जोड़ना रहा।
शिविर में कुल 130 लोगों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 100 लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान वीडीआरएल 100, एचबी 100, शुगर 88 और बीपी 87 लोगों की जांच की गई। साथ ही जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। शिविर में मौजूद नागरिकों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, परामर्श, सुरक्षित बचाव के उपायों तथा एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के साथ भेदभाव न करने के विषय में विस्तार से समझाया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है और सीडी-4 कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने में कमजोर हो जाता है और समय पर इलाज न मिलने पर एड्स जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सही समय पर जांच और उपचार से एचआईवी को नियंत्रित कर सामान्य और स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
डॉ. केशरी ने बताया कि कई बार एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए जांच बेहद जरूरी है। लंबे समय तक बुखार, थकान, सिरदर्द, गले में खराश, रात में पसीना आना, उल्टी, दस्त, निमोनिया, मुंह में छाले या टीबी जैसे लक्षण होने पर एचआईवी जांच अवश्य करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार एचआईवी की जांच जरूर करानी चाहिए, जबकि यौन रूप से सक्रिय लोगों को जोखिम के आधार पर हर 3 से 6 माह में जांच करानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रथम तिमाही में एचआईवी जांच अनिवार्य है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपील की कि जिन लोगों में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं वे मेडिकल कॉलेज जिला चिकित्सालय के आईटीसी सेंटर, समस्त विकासखंडों के आईटीसी सेंटर या टोल फ्री नंबर 1097 पर संपर्क कर निःशुल्क जांच और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now