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गुड गवर्नेंस कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर – छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम में ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ, 5 जिले और 5 विभाग सम्मानित

रायपुर | ACGN :- गुड गवर्नेंस सिर्फ फाइलों और कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर आम जनता के जीवन में साफ दिखना चाहिए और अधिकारियों के कामकाज में नजर आना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का असली उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इसी अवसर पर उन्होंने ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसके जरिए अब राज्य में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल से निर्माण कार्यों की मंजूरी से लेकर बजट, भुगतान, प्रगति और गुणवत्ता तक की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। सरकार ने तकनीक को सुशासन का मजबूत माध्यम बनाया है ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे। ई-प्रगति पोर्टल से विभागों, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, पुराने नियम-कानून हटाए गए हैं और कई प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे प्रशासन अधिक प्रभावी और जनहितैषी बना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार को 8 अलग-अलग क्षेत्रों में दिया जाएगा, जिससे नवाचार को और बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “पहल” और “प्रेरणा” जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे नए विचारों को प्रोत्साहन मिलेगा और सफल योजनाओं का विस्तार होगा। जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम को भी LSG-2.0 के रूप में और प्रभावी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था से सरकारी कामकाज में तेजी और पारदर्शिता आई है। अब फाइलें महीनों नहीं रुकतीं, बल्कि समय पर निर्णय हो रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो रही है। आने वाले समय में ई-ऑफिस व्यवस्था को सभी जिलों और संभागों में लागू किया जाएगा।


कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में शामिल सभी टीमों को बधाई दी। जिला श्रेणी में दंतेवाड़ा, जशपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, गरियाबंद और नारायणपुर के नवाचारों को सम्मान मिला, वहीं विभागीय श्रेणी में शिक्षा, वाणिज्य एवं उद्योग, आबकारी, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को उनके अभिनव प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया गया।
इन नवाचारों से यह साफ होता है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणाम और प्रभाव पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 के तहत सम्मानित जिले और विभाग राज्य में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण की मजबूत नींव रख रहे हैं।

प्रदीप मिश्रा
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समाचार क्रमांक – 14/26

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